गुजरात मंत्रिमंडल विस्तार 2025: BJP ने 16 मंत्रियों के इस्तीफे के बाद बनाई नई रणनीति

गुजरात में भाजपा का बड़ा राजनीतिक कदम

गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शुक्रवार को मंत्रिमंडल में व्यापक फेरबदल करते हुए एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया, जिससे राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

🏛️ मंत्रिमंडल फेरबदल की पृष्ठभूमि

📅 कब और क्यों हुआ यह बदलाव?

  • तारीख: 16 अक्टूबर 2025 को सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दिया।
  • स्थान: गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर बैठक के बाद इस्तीफे सौंपे गए।
  • कारण: आगामी विधानसभा चुनावों और प्रशासनिक पुनर्गठन की रणनीति।

📌 मुख्य बिंदु:

  1. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को छोड़कर सभी मंत्रियों ने इस्तीफा दिया।
  2. 17 अक्टूबर को महात्मा मंदिर में नए मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हुआ।
  3. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

🗣️ नेताओं की प्रतिक्रियाएं

🗨️ प्रफुलकुमार पंसुरिया का बयान

गुजरात के मंत्री प्रफुलकुमार नारनभाई पंसुरिया ने कहा:

“मैंने कल इस्तीफा दिया था, लेकिन पार्टी ने उसे स्वीकार नहीं किया। मैं पार्टी आलाकमान के हर निर्णय का सम्मान करता हूं।”

🗨️ लविंगजी ठाकोर की प्रतिक्रिया

भाजपा विधायक लविंगजी ठाकोर ने कहा:

“भाजपा हर समुदाय का सम्मान करती है। क्षत्रिय समुदाय के कई लोगों को मंत्री बनाया गया है, जिससे हम बेहद खुश हैं।”

🧩 विस्तार की रणनीति और संविधानिक पहलू

📜 संविधान के अनुच्छेद 164(ए) के अनुसार:

  • राज्य मंत्रिमंडल में विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15% से अधिक मंत्री नहीं हो सकते
  • न्यूनतम 12 मंत्री अनिवार्य हैं।

📊 वर्तमान स्थिति:

  • गुजरात में अधिकतम 27 मंत्री बनाए जा सकते हैं।
  • पूर्व मंत्रिमंडल में कुल 17 मंत्री थे:
    • 8 कैबिनेट मंत्री
    • 8 राज्य मंत्री
    • 1 मुख्यमंत्री

🔍 फेरबदल के पीछे की रणनीति

🎯 भाजपा का लक्ष्य:

  • आगामी स्थानीय निकाय चुनाव और विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत करना।
  • युवा और अनुभवी नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कर प्रशासनिक ऊर्जा बढ़ाना।

🧠 विश्लेषण:

  • यह फेरबदल केवल चेहरों का नहीं, बल्कि भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है।
  • पार्टी ने क्षत्रिय समुदाय को प्रतिनिधित्व देकर सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश की है।

🏛️ शपथ ग्रहण समारोह की झलक

📍 स्थान: महात्मा मंदिर, गांधीनगर

  • समय: 17 अक्टूबर 2025, सुबह 11:30 बजे
  • उपस्थित: राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भाजपा विधायकगण, आमंत्रित गणमान्य व्यक्ति

📌 मंत्रिमंडल विस्तार के संभावित प्रभाव

✅ प्रशासनिक दृष्टिकोण से:

  • नई ऊर्जा और दृष्टिकोण के साथ शासन को अधिक प्रभावी बनाना।

✅ राजनीतिक दृष्टिकोण से:

  • भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और जनता के बीच विश्वास को बढ़ाना।

❓ FAQs

❓ गुजरात में मंत्रिमंडल विस्तार कब हुआ?

17 अक्टूबर 2025 को गांधीनगर के महात्मा मंदिर में शपथ ग्रहण समारोह हुआ।

❓ कितने मंत्रियों ने इस्तीफा दिया?

मुख्यमंत्री को छोड़कर सभी 16 मंत्रियों ने इस्तीफा दिया।

❓ भाजपा ने यह कदम क्यों उठाया?

आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक मजबूती और प्रशासनिक पुनर्गठन के लिए।

❓ क्या नए चेहरे मंत्रिमंडल में शामिल हुए?

हां, सूत्रों के अनुसार लगभग 10 नए चेहरों को मंत्रिमंडल में स्थान मिला।

🔚 निष्कर्ष

गुजरात में भाजपा द्वारा किया गया मंत्रिमंडल विस्तार केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक राजनीतिक मास्टरस्ट्रोक है। इससे पार्टी ने आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीति को स्पष्ट कर दिया है। नए चेहरों के साथ भाजपा ने सामाजिक संतुलन और संगठनात्मक मजबूती की दिशा में कदम बढ़ाया है।

External Source: Patrika Report

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