जंगल सफारी महंगी हुई: पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बढ़े शुल्क, वीकेंड पर ज्यादा खर्च

पर्यटन सत्र 2025-26 की शुरुआत के साथ पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी की दरों में बढ़ोतरी की गई है। वीकेंड पर सफारी का आनंद लेने वालों को अब जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।

📍 पर्यटन सत्र की शुरुआत और नई दरों की घोषणा

उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 1 नवंबर 2025 से नया पर्यटन सत्र शुरू हो चुका है। इस बार प्रशासन ने सफारी शुल्क में बदलाव करते हुए नई दरें लागू की हैं। वन राज्यमंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बाघ संरक्षण फाउंडेशन की बैठक में इन दरों पर सहमति बनी।

🚗 नई सफारी शुल्क दरें

  • सोमवार से शुक्रवार (वीकडे): छह सीटर वाहन के लिए ₹3,970 (पहले ₹3,700)
  • शनिवार और रविवार (वीकेंड): छह सीटर वाहन के लिए ₹4,300
  • नौ सीटर वाहन: इन्हीं दरों के अनुसार शुल्क लागू

📊 शुल्क वृद्धि का कारण

प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि वाहन इंट्री फीस, रोड मेंटीनेंस और पार्किंग शुल्क में वृद्धि के चलते सफारी शुल्क बढ़ाया गया है। वीकेंड पर अत्यधिक भीड़ के कारण अतिरिक्त शुल्क रखा गया है ताकि पर्यटक सप्ताह के अन्य दिनों में भी भ्रमण करें और दबाव संतुलित रहे।

🌿 नि:शुल्क सैर से हुई शुरुआत

पर्यटन सत्र के पहले दिन यानी 1 नवंबर को पर्यटकों को नि:शुल्क जंगल सफारी का अवसर दिया गया। इस पहल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को रिजर्व से जोड़ना और जागरूकता फैलाना था।

🕒 सफारी शेड्यूल: सुबह और शाम दो शिफ्टों में रोमांच

जंगल सफारी पूर्ववत दो शिफ्टों में संचालित होगी:

  • सुबह की शिफ्ट: 6:00 AM से 9:00 AM
  • शाम की शिफ्ट: 3:00 PM से 6:00 PM

प्रत्येक शिफ्ट तीन घंटे की होगी, जिसमें पर्यटकों को जंगल भ्रमण कराया जाएगा। सफारी से प्राप्त समस्त आय बाघ संरक्षण फाउंडेशन के खाते में जमा की जाएगी।

🏕️ हट्स का किराया: कोई बदलाव नहीं

चूका पिकनिक स्पॉट पर स्थित हट्स के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है:

  • थारू हट्स (4 यूनिट): ₹5,500 प्रति रात्रि
  • ट्री हट: ₹9,000 प्रति रात्रि

यह दरें पहले जैसी ही रहेंगी, जिससे पर्यटकों को ठहरने के विकल्प में राहत मिलेगी।

📈 पर्यटकों की संख्या में वृद्धि

नई दरें लागू होने के पहले ही दिन 390 से अधिक पर्यटकों ने जंगल सफारी का आनंद लिया। यह दर्शाता है कि शुल्क वृद्धि के बावजूद पीलीभीत टाइगर रिजर्व की लोकप्रियता बरकरार है।

🧭 सफारी अनुभव को बेहतर बनाने की योजना

वन विभाग ने सफारी अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए हैं:

  1. सुरक्षा उपायों में सुधार
  2. वाहनों की नियमित जांच
  3. गाइड्स की ट्रेनिंग
  4. पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता अभियान

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी के लिए कितनी फीस है?

सोमवार से शुक्रवार ₹3,970 और शनिवार-रविवार ₹4,300 (छह सीटर वाहन के लिए)।

Q2. सफारी कितने समय की होती है?

प्रत्येक शिफ्ट तीन घंटे की होती है – सुबह और शाम।

Q3. क्या हट्स के किराए में बदलाव हुआ है?

नहीं, थारू हट्स ₹5,500 और ट्री हट ₹9,000 प्रति रात्रि ही रहेगा।

Q4. क्या सफारी ऑनलाइन बुक की जा सकती है?

हाँ, आधिकारिक वेबसाइट पर बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है।

Q5. क्या वीकेंड पर सफारी महंगी है?

हाँ, वीकेंड पर शुल्क ₹4,300 है जो वीकडे से अधिक है।

🔚 निष्कर्ष

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल सफारी का रोमांच अब थोड़ा महंगा जरूर हो गया है, लेकिन वन विभाग की योजनाएं और सुविधाएं इसे एक यादगार अनुभव बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। पर्यटकों की बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि बाघों की धरती पर रोमांच का आकर्षण अब भी कायम है।

External Source: Patrika Report

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