दिवाली का पर्व रोशनी और मिठास का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार लखनऊ में मिठाई की मिठास में मिलावट का ज़हर घुलता नजर आया। खाद्य विभाग ने 1600 किलो नकली बर्फी और 135 किलो टोफू जब्त कर नष्ट किया है।
🚨 मिलावटखोरी पर खाद्य विभाग का बड़ा अभियान
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरों की सक्रियता बढ़ जाती है। लखनऊ में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने दिवाली से पहले सघन छापेमारी अभियान चलाया।
📍 कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- आर्यांश गृह उद्योग, सरोसा भरोसा में 1600 किलो सूजी की बर्फी और हलवा जब्त
- नारायण फूड प्रोडक्ट्स, वृंदावन कॉलोनी से 135 किलो टोफू पनीर नष्ट
- कुल मिलाकर 1.76 लाख रुपये की नकली मिठाई और 17,420 रुपये का टोफू जब्त किया गया
🧪 जांच में क्या मिला?
सहायक आयुक्त (खाद्य द्वितीय) विजय प्रताप सिंह के अनुसार, जब्त की गई मिठाइयों में निम्न गुणवत्ता का घी, दूध, रंग और सुगंध इस्तेमाल किया गया था। साथ ही, इन्हें लंबे समय तक टिकाने के लिए हानिकारक रसायनों का प्रयोग किया गया था।
⚠️ टोफू पनीर में पाई गई खामियां:
- दूषित पानी का उपयोग
- जमाने के लिए सस्ते और हानिकारक केमिकल
- संक्रमण और फूड पॉइजनिंग का खतरा
🥛 डेयरी उत्पादों की भी जांच
खाद्य विभाग ने मोहनलालगंज स्थित पनीर पाल दूध डेयरी और यादव दूध डेयरी से पनीर व घी के नमूने लिए हैं। कुल आठ सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद संबंधित दुकानदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
🧑⚖️ मिलावटखोरों पर सख्त चेतावनी
विभाग ने स्पष्ट किया है कि मिलावट करने वालों के खिलाफ FSSAI अधिनियम 2006 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर:
- लाइसेंस रद्द किया जा सकता है
- जेल की सजा और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है
🧠 स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय
किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के पोषण विशेषज्ञ डॉ. अजय वर्मा ने बताया कि त्योहारों में बिकने वाली मिठाइयों में सिंथेटिक रंग और रासायनिक सुगंध मिलाई जाती है, जो बच्चों और बुजुर्गों के लिए बेहद नुकसानदायक होती है।
🩺 संभावित स्वास्थ्य समस्याएं:
- फूड पॉइजनिंग
- लीवर और किडनी की समस्या
- त्वचा रोग
- कैंसर तक का खतरा
🔍 कैसे पहचानें नकली मिठाई और पनीर?
- रंग: बहुत चमकीला या अस्वाभाविक रंग नकली होने का संकेत
- घी की खुशबू: असली घी में हल्की मिठास, नकली में केमिकल जैसी गंध
- पनीर की बनावट: बहुत कठोर या चिकना पनीर मिलावट का संकेत
- दूध की झाग: अधिक झाग या जल्दी फटना मिलावट का संकेत
🛡️ उपभोक्ताओं के लिए सुझाव
- बिना ब्रांड या पैकिंग वाली मिठाई न खरीदें
- FSSAI नंबर और पैकेजिंग तिथि जरूर जांचें
- शक होने पर खाद्य विभाग की हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें
🧨 दिवाली पर मिलावट का बढ़ता खतरा
त्योहारों पर मिठाई की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इस मौके का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी घटिया घी, सिंथेटिक दूध और नकली रंगों से मिठाई तैयार करते हैं। कई बार चांदी के वर्क की जगह एल्युमिनियम का प्रयोग होता है, जो शरीर के लिए खतरनाक है।
🏛️ सरकार का अभियान जारी रहेगा
FSDA ने स्पष्ट किया है कि दिवाली के बाद भी जांच अभियान जारी रहेगा। सभी जिलों में टीमें तैनात हैं जो मिठाई, दूध, घी, पनीर, तेल और मसालों की जांच कर रही हैं।
📢 जनता के लिए संदेश
- त्योहार की खुशी में सेहत से समझौता न करें
- सस्ती मिठाई या आकर्षक दिखने वाले पनीर से सावधान रहें
- विश्वसनीय दुकानों से ही खरीदारी करें
❓FAQs
Q1. दिवाली पर नकली मिठाई कैसे पहचानें?
A1. रंग, गंध और बनावट पर ध्यान दें। बहुत चमकीला रंग या केमिकल जैसी गंध मिलावट का संकेत है।
Q2. क्या नकली टोफू खाने से नुकसान हो सकता है?
A2. हां, इससे फूड पॉइजनिंग और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।
Q3. खाद्य विभाग को शिकायत कैसे करें?
A3. FSSAI की हेल्पलाइन या स्थानीय खाद्य विभाग के नंबर पर संपर्क करें।
Q4. क्या मिलावट करने वालों को सजा मिलती है?
A4. हां, FSSAI अधिनियम के तहत जेल और जुर्माना दोनों हो सकते हैं।
🔚 निष्कर्ष
लखनऊ में दिवाली से पहले नकली मिठाई और टोफू की जब्ती ने एक बार फिर मिलावटखोरी के गंभीर खतरे को उजागर किया है। खाद्य विभाग की सख्ती और जनता की जागरूकता ही इस समस्या का समाधान है। त्योहार की मिठास को सुरक्षित रखने के लिए सतर्कता जरूरी है।
External Source: Patrika Report
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