🔍 परिचय
देशभर में एक हफ्ते के भीतर चार डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया है। इन पर आतंकी संगठनों से संबंध रखने और खतरनाक हथियार व केमिकल्स रखने के आरोप हैं।
🚨 1 हफ्ते में चार डॉक्टर गिरफ्तार: क्या है पूरा मामला?
पिछले सात दिनों में उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात और जम्मू-कश्मीर से चार मेडिकल प्रोफेशनल्स को गिरफ्तार किया गया। इन पर देशविरोधी गतिविधियों में शामिल होने, हथियारों की तस्करी और आतंकी संगठनों से संपर्क रखने के गंभीर आरोप हैं।
📌 गिरफ्तारियों की प्रमुख बातें:
- 4 डॉक्टर गिरफ्तार – अलग-अलग राज्यों से
- 2500 किलो से अधिक विस्फोटक सामग्री बरामद
- AK-47, पिस्तौल, रिसिन जैसे खतरनाक हथियार जब्त
- ISIS, JeM, AGUH जैसे आतंकी संगठनों से संबंध
🧪 केस 1: अनंतनाग के डॉक्टर के लॉकर से AK-47 बरामद 🔫
👨⚕️ आरोपी: डॉ. अदील अहमद राथर
- स्थान: गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, अनंतनाग
- बरामदगी: AK-47 राइफल
- संबंध: जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से
- गिरफ्तारी: सहारनपुर, उत्तर प्रदेश से 6 नवंबर को
👉 CCTV फुटेज और श्रीनगर में मिले पोस्टर्स से राथर की भूमिका उजागर हुई। उसके खिलाफ UAPA और Arms Act के तहत मामला दर्ज किया गया।
🧬 केस 2: रिसिन बनाने वाला डॉक्टर और पब्लिक स्पॉट्स की रेकी 🧪
👨⚕️ आरोपी: डॉ. सैयद (MBBS चीन से)
- स्थान: अहमदाबाद के पास से गिरफ्तारी
- बरामदगी:
- 2 ग्लॉक पिस्तौल
- 1 बेरेटा
- 30 जिंदा कारतूस
- 4 लीटर अरंडी का तेल (रिसिन बनाने के लिए)
- रेकी की जगहें:
- आजादपुर मंडी (दिल्ली)
- नरोदा फल बाजार (अहमदाबाद)
- RSS ऑफिस (लखनऊ)
👉 सैयद ISIS-खुरासान प्रांत के अबू खादिम के संपर्क में था। उस पर UAPA और IPC की धाराओं के तहत केस दर्ज है।
💣 केस 3: फरीदाबाद से 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद 💼
👨⚕️ आरोपी: डॉ. मुजम्मिल शकील
- स्थान: अल फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद
- गिरफ्तारी: 9 नवंबर को
- बरामदगी: 12 सूटकेस में 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट
👉 यह केमिकल अक्सर IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) बनाने में इस्तेमाल होता है। मुजम्मिल पिछले साढ़े तीन साल से यूनिवर्सिटी में कार्यरत था।
👩⚕️ केस 4: महिला डॉक्टर की गिरफ्तारी और असॉल्ट राइफल बरामद 🔍
- स्थान: फरीदाबाद
- संस्था: अल फलाह यूनिवर्सिटी
- बरामदगी: कैरम कोक असॉल्ट राइफल (कार से)
- गिरफ्तारी: 7 नवंबर
👉 महिला डॉक्टर की पहचान अभी उजागर नहीं की गई है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच कर रही है।
🌐 क्या है इन मामलों का आपस में कनेक्शन?
पुलिस अधिकारियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन चारों मामलों का आपस में कोई सीधा संबंध है या नहीं। लेकिन इन सभी में एक समानता है—आरोपी डॉक्टरों का संपर्क विदेशी हैंडलर्स और प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से रहा है।
📉 पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स का टेरर एजेंडा में इस्तेमाल
इन गिरफ्तारियों ने एक चिंताजनक ट्रेंड को उजागर किया है। मेडिकल प्रोफेशनल्स जैसे पढ़े-लिखे लोग अपनी पोजीशन का फायदा उठाकर आतंकी एजेंडों को आगे बढ़ा रहे हैं।
⚠️ संभावित खतरे:
- हाई-सिक्योरिटी संस्थानों में घुसपैठ
- सार्वजनिक स्थानों पर हमले की योजना
- विदेशी आतंकी संगठनों से नेटवर्किंग
📊 सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
इन मामलों के बाद NIA, IB और राज्य पुलिस बलों ने जांच तेज कर दी है। कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है और डिजिटल फॉरेंसिक एनालिसिस भी हो रहा है।
❓ FAQs
❓ क्या गिरफ्तार डॉक्टरों का आपस में कोई संबंध है?
अभी तक कोई स्पष्ट कनेक्शन सामने नहीं आया है, लेकिन सभी के तार आतंकी संगठनों से जुड़े हैं।
❓ क्या ये डॉक्टर मेडिकल संस्थानों में ही काम कर रहे थे?
हां, सभी आरोपी डॉक्टर मेडिकल कॉलेज या यूनिवर्सिटी से जुड़े थे।
❓ क्या इन मामलों की जांच NIA कर रही है?
हां, NIA और IB समेत कई एजेंसियां इन मामलों की जांच में शामिल हैं।
❓ क्या रिसिन से बड़े पैमाने पर नुकसान हो सकता है?
रिसिन एक जानलेवा प्रोटीन है, जो थोड़ी मात्रा में भी जान ले सकता है।
🧾 निष्कर्ष
एक हफ्ते में चार डॉक्टरों की गिरफ्तारी ने देश की सुरक्षा व्यवस्था को झकझोर दिया है। इन मामलों ने यह साबित कर दिया है कि आतंकी संगठन अब पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स को अपने एजेंडे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों को अब मेडिकल और अन्य संस्थानों में भी सतर्कता बढ़ाने की जरूरत है।
External Source: Patrika Report
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