भरतपुर में दो वर्षीय बालक की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा: तांत्रिक की हवस ने ली मासूम की जान

राजस्थान के भरतपुर में दो वर्षीय बालक की हत्या का रहस्य उजागर

राजस्थान के भरतपुर जिले के वैर थाना क्षेत्र में दिसंबर 2021 में हुई एक दिल दहला देने वाली घटना ने चार साल बाद फिर से सुर्खियां बटोरी हैं। दो वर्षीय बालक गोलू की हत्या के मामले में पुलिस ने एक तांत्रिक को गिरफ्तार कर चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने बच्चे की हत्या इसलिए की क्योंकि वह उस महिला से संबंध बनाना चाहता था जिससे मृतक के पिता के पहले से अवैध संबंध थे।

🕵️‍♂️ घटना की शुरुआत: मासूम गोलू का लापता होना

  • तारीख: 18 दिसंबर 2021
  • स्थान: नगला खरबेरा, वैर थाना क्षेत्र, भरतपुर
  • शिकायतकर्ता: बनैसिंह पुत्र रूपसिंह
  • लापता बालक: गोलू (उम्र 2 वर्ष)

परिवार ने बताया कि गोलू दोपहर 12 बजे के आसपास घर से खेलते हुए बाहर गया और फिर वापस नहीं लौटा। परिजनों ने आसपास के क्षेत्रों में तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। उसी दिन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई।

🧠 जांच प्रक्रिया: साइबर टीम, डॉग स्क्वॉड और डीएनए परीक्षण

पुलिस अधीक्षक भरतपुर के निर्देशन में एक विशेष जांच टीम गठित की गई जिसमें शामिल थे:

  1. डॉग स्क्वॉड
  2. एफएसएल विशेषज्ञ
  3. साइबर क्राइम टीम

9 जनवरी 2022 को गांव के पास खेतों में एक बच्चे की कटी हुई खोपड़ी मिलने से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। डीएनए परीक्षण के बाद पुष्टि हुई कि यह खोपड़ी गोलू की ही थी।

👮‍♂️ आरोपी की गिरफ्तारी और पूछताछ

गहन जांच के बाद पुलिस ने विजयसिंह पुत्र हरफूल जाटव (उम्र 68 वर्ष) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने जो खुलासे किए, वे बेहद चौंकाने वाले थे:

  • मृतक गोलू के पिता बलवीर जाटव के एक महिला से प्रेम संबंध थे।
  • आरोपी विजयसिंह भी उसी महिला से संबंध बनाना चाहता था।
  • महिला ने इनकार किया और गांव में शिकायत की धमकी दी।
  • आरोपी ने तंत्र विद्या से नुकसान पहुंचाने की धमकी दी।
  • बलवीर और आरोपी के बीच झगड़ा हुआ।
  • बदला लेने की भावना से आरोपी ने गोलू का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी।

⚖️ कानूनी कार्रवाई और सबूत

हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने मामले में निम्नलिखित कानूनी धाराएं जोड़ीं:

  • भारतीय दंड संहिता की धारा 302: हत्या
  • धारा 201: सबूत मिटाना
  • धारा 364: अपहरण

इसके अलावा आरोपी का पॉलीग्राफ टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और नार्को टेस्ट भी कराया गया

📚 सामाजिक और मनोवैज्ञानिक विश्लेषण

इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं:

  • क्या ग्रामीण क्षेत्रों में तंत्र-मंत्र के नाम पर अपराध बढ़ रहे हैं?
  • क्या सामाजिक जागरूकता की कमी ऐसे अपराधों को जन्म देती है?
  • क्या महिलाओं की असहमति को हिंसा से दबाने की प्रवृत्ति बढ़ रही है?

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में साइकोलॉजिकल प्रोफाइलिंग और समुदाय आधारित जागरूकता अभियान जरूरी हैं।

📌 राजस्थान में तंत्र-मंत्र से जुड़े अपराधों की सूची

राजस्थान में पिछले कुछ वर्षों में तंत्र-मंत्र से जुड़े कई अपराध सामने आए हैं:

  • 2020: अजमेर में एक महिला की बलि देने की कोशिश
  • 2022: बीकानेर में तांत्रिक द्वारा युवती को जहर देने का मामला
  • 2023: कोटा में तंत्र साधना के नाम पर बच्चों को डराने की घटना

❓ FAQs

Q1. भरतपुर में बच्चे की हत्या कब हुई थी?

18 दिसंबर 2021 को दो वर्षीय बालक गोलू लापता हुआ था, जिसकी हत्या बाद में सामने आई।

Q2. आरोपी कौन है और उसकी उम्र क्या है?

विजयसिंह पुत्र हरफूल जाटव, उम्र 68 वर्ष, निवासी नगला खरबेरा।

Q3. हत्या का कारण क्या था?

आरोपी उस महिला से संबंध बनाना चाहता था जिससे मृतक के पिता के पहले से संबंध थे।

Q4. पुलिस ने जांच कैसे की?

डॉग स्क्वॉड, एफएसएल, साइबर टीम, डीएनए टेस्ट, पॉलीग्राफ और नार्को टेस्ट की मदद से।

🔚 निष्कर्ष: न्याय की ओर एक कदम

भरतपुर की यह घटना न केवल एक मासूम की हत्या की कहानी है, बल्कि यह दर्शाती है कि कैसे व्यक्तिगत इच्छाएं और तंत्र-मंत्र की आड़ में अपराध को अंजाम दिया जा सकता है। पुलिस की सतर्कता और वैज्ञानिक जांच ने इस मामले को सुलझाकर न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

External Source: Patrika Report

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