लखनऊ मैंगो पार्क: 15 एकड़ में 108 किस्में, एशिया के सबसे अनोखे आम थीम पार्क की शुरुआत!

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पर्यटन, हरियाली और जैव-विविधता को अभूतपूर्व बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक पहल शुरू की गई है। नगर निगम रायबरेली रोड पर किसान पथ के पास, कल्ली पश्चिम क्षेत्र में 15 एकड़ भूमि पर देश का एक अनूठा, थीम-आधारित लखनऊ मैंगो पार्क विकसित कर रहा है। यह परियोजना केवल एक पार्क नहीं, बल्कि आम पर केंद्रित ज्ञान, अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण का एक बहुआयामी केंद्र बनने जा रही है।

🌳 1. प्रोजेक्ट का विज़न और प्रशासनिक पहल (The Vision and Administrative Initiative)

यह महत्वाकांक्षी परियोजना मिशन अमृत 2.0 के तहत साकार की जा रही है। नगर आयुक्त गौरव कुमार के अनुसार, यह पार्क न सिर्फ शहर, बल्कि पूरे देश के लिए एक अद्वितीय ‘मैंगो थीम पार्क’ होगा। हाल ही में, नगर आयुक्त ने निर्माण कार्य का गहन निरीक्षण किया और कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सभी निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

परियोजना की मुख्य बातें:

विशेषताविवरण
नामलखनऊ मैंगो पार्क (Mango Theme Park, Lucknow)
स्थानकल्ली पश्चिम, किसान पथ, रायबरेली रोड, लखनऊ
क्षेत्रफल15 एकड़
उद्देश्यपर्यटन, हरियाली, जैव-विविधता, आम आधारित ज्ञान केंद्र और किसानों को बाज़ार उपलब्ध कराना।
आधारमिशन अमृत 2.0

यह पहल लखनऊ को एक ‘ग्रीन सिटी’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है, जहाँ कृषि और बागवानी की समृद्ध विरासत को आधुनिक शहरी नियोजन के साथ जोड़ा गया है।

🥭 2. आम की विविधता का महासागर: 108 प्रजातियाँ एक छत के नीचे (Ocean of Mango Diversity)

लखनऊ मैंगो पार्क की सबसे बड़ी विशेषता आम की प्रजातियों का विशाल संग्रह है। इस 15 एकड़ के परिसर में आम की 108 विभिन्न प्रजातियों के कुल 2,068 पौधे लगाए जाएंगे। यह संख्या और विविधता इसे बागवानी प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए एक स्वर्ग बनाती है।

🌿 2.1. उत्तर प्रदेश की गौरवशाली आम परंपरा

उत्तर प्रदेश, विशेष रूप से लखनऊ का मलिहाबाद क्षेत्र, सदियों से विश्व स्तरीय आमों का गढ़ रहा है। दशहरी, चौसा, लंगड़ा और आम्रपाली जैसी किस्में न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी मिठास और सुगंध के लिए प्रसिद्ध हैं। यह पार्क इन्हीं किस्मों के संरक्षण और प्रदर्शन का कार्य करेगा।

पार्क में प्रदर्शित कुछ प्रमुख किस्में:

  • दशहरी (Dasheri): उत्तर प्रदेश की पहचान, अपनी अनूठी सुगंध और मीठे गूदे के लिए प्रसिद्ध।
  • चौसा (Chaunsa): जिसका नाम शेर शाह सूरी के नाम पर रखा गया, जो अपनी अति-मीठी सुगंध के लिए जाना जाता है।
  • आम्रपाली (Amrapali): दशहरी और नीलम का संकर, जो सघन बागवानी (High-Density Planting) के लिए लोकप्रिय है।
  • अंबिका (Ambika): एक आकर्षक, लाल रंग की किस्म, जो निर्यात बाजार के लिए उपयुक्त है।
  • लंगड़ा (Langra): वाराणसी क्षेत्र से उत्पन्न, अपनी नींबू-हरा रंगत और विशिष्ट स्वाद के लिए जाना जाता है।

यह पार्क आगंतुकों को इन किस्मों को देखने, छूने और उनके विकास चक्र को समझने का अवसर प्रदान करेगा। यह पहल भारत के राष्ट्रीय फल आम के महत्व को रेखांकित करती है, जिसे ‘फलों का राजा’ कहा जाता है।

🏛️ 3. ज्ञान का केंद्र: मैंगो म्यूजियम और डिजिटल लाइब्रेरी (Mango Museum and Digital Library)

हरियाली के बीच, पार्क में एक 400 वर्ग मीटर का अत्याधुनिक मैंगो म्यूजियम स्थापित किया जा रहा है, जो इस पूरे प्रोजेक्ट का एक प्रमुख आकर्षण केंद्र होगा। यह म्यूजियम आम के बारे में ज्ञान और जागरूकता का प्रसार करेगा।

💻 3.1. 775 किस्मों की डिजिटल जानकारी

म्यूजियम में देश भर में पाई जाने वाली आम की लगभग 775 प्रजातियों की विस्तृत जानकारी डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। आगंतुक इंटरैक्टिव डिस्प्ले, टचस्क्रीन कियोस्क और मल्टीमीडिया प्रेजेंटेशन के माध्यम से आम के इतिहास, भौगोलिक विविधता, वैज्ञानिक वर्गीकरण और औषधीय गुणों के बारे में सीख सकेंगे।

म्यूजियम की शैक्षणिक भूमिकाएँ:

  • उत्पत्ति और इतिहास: आम की भारत में यात्रा, प्राचीन ग्रंथों में इसका उल्लेख, और मुगल काल में बागवानी के विकास की जानकारी।
  • वैज्ञानिक पहलू: आम के पौधे की वानस्पतिक विशेषताएं, परागण (Pollination), और फलों के पकने की प्रक्रिया का प्रदर्शन।
  • स्वाद और पहचान: यह समझने का अवसर कि मिट्टी, जलवायु और देखरेख कैसे आम के स्वाद (Flavor Profile) को प्रभावित करती है।
  • विश्वव्यापी प्रभाव: भारत से आम का निर्यात और वैश्विक कृषि-अर्थव्यवस्था में इसका योगदान।

यह म्यूजियम पार्क को एक साधारण मनोरंजन स्थल से उठाकर एक महत्वपूर्ण ‘कृषि-शैक्षणिक गंतव्य’ के रूप में स्थापित करता है।

💰 4. स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा: मैंगो हाट और कियोस्क (Boosting Local Economy)

लखनऊ मैंगो पार्क की अवधारणा में केवल पर्यटन ही नहीं, बल्कि स्थानीय किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना भी शामिल है। इसके लिए, पार्क परिसर में एक मैंगो हाट और आवश्यक मैंगो कियोस्क स्थापित किए जाएंगे।

🏪 4.1. किसानों के लिए बाज़ार मंच

मैंगो हाट किसानों और बागवानों को सीधे उपभोक्ताओं से जुड़ने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान करेगा। यहाँ आम और आम से बने उत्पादों (जैसे आम पापड़, अचार, पल्प, जूस, जैम) का प्रदर्शन और बिक्री की जाएगी।

इस आर्थिक पहल के लाभ:

  • बिचौलिए समाप्त: किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी।
  • उत्पाद विविधीकरण: हस्तनिर्मित और मूल्य वर्धित आम उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।
  • कृषि-पर्यटन: पर्यटक सीधे किसानों से उत्पाद खरीद सकेंगे, जिससे एक जीवंत ग्रामीण-शहरी आर्थिक संपर्क स्थापित होगा।
  • संस्थानों का सहयोग: उद्यान विभाग (Horticulture Department) और केंद्रीय उपोष्ण बागवानी संस्थान (Central Institute for Subtropical Horticulture – CISH), रहमानखेड़ा, इस पहल में सक्रिय सहयोग कर रहे हैं, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि बिक्री और प्रदर्शन वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप हों।

यह आर्थिक मॉडल लखनऊ मैंगो पार्क को उत्तर प्रदेश में ‘फार्म-टू-फ़ॉर्क’ (Farm-to-Fork) आंदोलन का एक शानदार उदाहरण बनाता है।

🏞️ 5. प्राकृतिक सौंदर्य और जैव-विविधता का संगम (Aesthetics and Biodiversity)

लखनऊ मैंगो पार्क को प्रकृति के सौंदर्य और पारिस्थितिक संतुलन को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। यहाँ की हरियाली और संरचनात्मक तत्व, पार्क के थीम को जीवंत करेंगे।

💦 5.1. तालाब का आकर्षण और थीम आधारित डिज़ाइन

नगर निगम ने पार्क के बीच में एक 1,930 वर्ग मीटर के तालाब के निर्माण की योजना बनाई है। यह तालाब न सिर्फ पार्क की नमी (Humidity) को नियंत्रित करेगा, बल्कि इसमें लगाए जाने वाले वाटर लिली और कमल के पौधे इसे अत्यंत आकर्षक स्वरूप प्रदान करेंगे।

  • आकर्षण केंद्र: भव्य पत्थर से बना आम के आकार का प्रवेश द्वार आगंतुकों का स्वागत करेगा।
  • कलात्मक भित्ति चित्र (Murals): पार्क की दीवारों पर चार मैंगो म्यूरल और एक ट्री म्यूरल बनाए जाएंगे, जो आम के विभिन्न चरणों और पारिस्थितिक महत्व को दर्शाएंगे।
  • थीम लाइटें: शाम के समय पार्क को रोशन करने वाली लाइटें विशेष रूप से आम के आकार की होंगी, जो थीम पार्क के अनुभव को और भी यादगार बना देंगी।
  • मार्गों के नाम: पार्क के भीतर के पैदल मार्गों का नामकरण भी आम की विभिन्न प्रसिद्ध प्रजातियों, जैसे ‘दशहरी पथ’ या ‘चौसा मार्ग’, पर किया जाएगा।

🐒 5.2. घने वन क्षेत्र का विकास: मियावाकी पद्धति

मैंगो पार्क को एक व्यापक बायोडाइवर्सिटी पार्क का रूप देने के लिए 18,828 अन्य प्रजातियों के पौधे भी लगाए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण और जैव-विविधता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, नगर आयुक्त ने परिसर में मियावाकी पद्धति (Miyawaki Method) का उपयोग करके एक घना वन क्षेत्र तैयार करने का निर्देश दिया है।

मियावाकी वन में शामिल प्रजातियाँ (20 किस्में, 1,260 पौधे):

  1. आम
  2. अमरूद
  3. आंवला
  4. जामुन
  5. मौलश्री
  6. शीशम
  7. अशोक
  8. करौंदा
  9. नींबू
  10. पीपल
  11. बरगद
  12. अमलतास
  13. गुलमोहर
  14. बेल
  15. कैथा
  16. नीम
  17. पिलखन
  18. महुआ
  19. कदम
  20. बाँस

यह सघन वृक्षारोपण तकनीक (मियावाकी) न केवल कम समय में एक समृद्ध वन आवरण प्रदान करेगी, बल्कि स्थानीय वन्यजीवों और कीट-पतंगों के लिए भी एक सुरक्षित आवास बनाएगी। बाउंड्रीवॉल के पास बरगद, अमलतास और गुलमोहर जैसे छायादार पौधे लगाए जा रहे हैं, जो गर्मी में शीतलता प्रदान करेंगे।

👨‍👩‍👧‍👦 6. परिवार और बच्चों के लिए आधुनिक सुविधाएँ (Modern Amenities for Families)

लखनऊ मैंगो पार्क को सभी आयु वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह पार्क परिवारों और पर्यटकों के लिए एक आदर्श पिकनिक स्थल बन सके।

  • बच्चों का विशेष ज़ोन (Kids’ Zone): बच्चों की रुचि को ध्यान में रखते हुए पार्क में 17 आधुनिक और सुरक्षित झूले लगाए जाएंगे। यह क्षेत्र बच्चों को प्रकृति के बीच खेलने और सीखने का अवसर देगा।
  • आरामदायक बैठने की व्यवस्था: पूरे पार्क में पर्याप्त संख्या में आरामदायक बेंच लगाई जाएंगी, ताकि आगंतुक शांति और सुकून के क्षणों का आनंद ले सकें।
  • पार्किंग और शौचालय: पर्यटकों की सुविधा के लिए आधुनिक पार्किंग सुविधा और स्वच्छ, सुलभ शौचालय ब्लॉकों का निर्माण भी प्राथमिकता से किया जा रहा है।

📈 7. व्यापक विश्लेषण: कृषि-पर्यटन और शहरी हरियाली पर प्रभाव (Analysis: Impact on Agro-Tourism)

लखनऊ मैंगो पार्क की स्थापना का निर्णय उत्तर प्रदेश की राजधानी के लिए एक दूरगामी परिणाम वाला कदम है। इसका प्रभाव केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्रभावित करेगा।

7.1. लखनऊ का बढ़ता हुआ पर्यटन प्रोफाइल

लखनऊ अपनी ऐतिहासिक इमारतों, नवाबों के व्यंजनों और तहज़ीब के लिए जाना जाता है। इस पार्क के जुड़ने से शहर को एक नया ‘थीम-बेस्ड’ पर्यटन आकर्षण मिलेगा। यह कृषि-पर्यटन (Agro-Tourism) को बढ़ावा देगा, जिससे न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक भी आकर्षित होंगे, जो भारतीय कृषि और फल उत्पादन की गहराई को समझना चाहते हैं। यह शहर की पहचान में ‘हेरिटेज सिटी’ से ‘ग्रीन एंड एजुकेशनल सिटी’ तक का एक नया अध्याय जोड़ेगा।

7.2. जैव-विविधता और जलवायु लचीलापन

शहरी क्षेत्रों में वृक्षारोपण, विशेष रूप से सघन मियावाकी पद्धति का उपयोग, वायु प्रदूषण को कम करने, कार्बन सोखने और स्थानीय तापमान को नियंत्रित करने (Urban Heat Island Effect को कम करने) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 15 एकड़ का यह क्षेत्र जल्द ही एक कार्बन सिंक के रूप में काम करेगा, जिससे लखनऊ शहर का पर्यावरणीय लचीलापन (Climate Resilience) मजबूत होगा। यह शहरी पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और पक्षियों तथा कीटों के लिए एक आवास प्रदान करने का भी काम करेगा।

7.3. आम: भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान

आम को भारत में केवल एक फल नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक प्रतीक माना जाता है। भारत विश्व में आम का सबसे बड़ा उत्पादक है, और उत्तर प्रदेश इसमें अग्रणी राज्यों में से एक है। इस पार्क के माध्यम से आम की 108 प्रजातियों को संरक्षित करना, भारतीय कृषि-वैज्ञानिकों के वर्षों के शोध और प्रयासों को सम्मान देना है। यह एक ‘जर्मप्लाज्म’ (Germplasm) बैंक की तरह भी कार्य करेगा, जो भविष्य में आम की किस्मों के संरक्षण और विकास के लिए महत्वपूर्ण होगा।

🚀 8. आगे की राह और भविष्य की संभावनाएं (Future Road and Prospects)

नगर निगम इस परियोजना को रिकॉर्ड समय में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है। अधिकारियों का मानना है कि यह पार्क जल्द ही लखनऊ का एक प्रमुख पर्यटन स्थल बन जाएगा। लखनऊ मैंगो पार्क की सफलता अन्य शहरों और राज्यों को भी थीम-आधारित शहरी वानिकी परियोजनाओं को अपनाने के लिए प्रेरित करेगी।

इस पार्क का विकास यह दर्शाता है कि कैसे आधुनिक शहरी प्रशासन, पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को एक साथ लाकर नागरिकों के लिए एक बेहतर और हरा-भरा भविष्य सुनिश्चित कर सकता है। यह न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगा, बल्कि शहर की सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक गतिविधियों में एक नया आयाम भी जोड़ेगा।

🌟 निष्कर्ष

कुल मिलाकर, लखनऊ मैंगो पार्क की पहल उत्तर प्रदेश की राजधानी के लिए एक गेम चेंजर साबित होने जा रही है। 15 एकड़ के क्षेत्र में आम की 108 प्रजातियों का विशाल संग्रह, मैंगो म्यूजियम, स्थानीय किसानों के लिए मैंगो हाट और मियावाकी वन क्षेत्र का विकास—ये सभी मिलकर इसे देश का सबसे अनूठा थीम पार्क बनाते हैं। नगर निगम का यह प्रयास पर्यावरण, ज्ञान और अर्थव्यवस्था के बीच एक सुंदर संतुलन स्थापित करता है, जो लखनऊ को एक आधुनिक और टिकाऊ शहर के रूप में वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

❓ आपके लिए सुझाए गए प्रश्न.

Q1. लखनऊ मैंगो पार्क कहाँ स्थित है और इसका मुख्य फोकस क्या है?

A1. लखनऊ मैंगो पार्क रायबरेली रोड पर किसान पथ के पास, कल्ली पश्चिम क्षेत्र में 15 एकड़ भूमि पर विकसित किया जा रहा है। इसका मुख्य फोकस आम की 108 प्रजातियों के संरक्षण, आम पर आधारित ज्ञान के प्रसार और स्थानीय किसानों को बाज़ार मंच प्रदान करने पर है।

Q2. मैंगो पार्क में आम की कितनी प्रजातियाँ प्रदर्शित की जाएंगी?

A2. इस अनूठे थीम पार्क में आम की 108 विभिन्न प्रजातियों के 2,068 पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा, मैंगो म्यूजियम में देश भर में पाई जाने वाली आम की 775 प्रजातियों की डिजिटल जानकारी उपलब्ध होगी।

Q3. मैंगो हाट का उद्देश्य क्या है और यह किसे लाभान्वित करेगा?

A3. मैंगो हाट एक बाज़ार मंच के रूप में काम करेगा, जहाँ किसान और बागवान सीधे आम और आम से बने उत्पादों (जैसे अचार, जैम आदि) का प्रदर्शन और बिक्री कर सकेंगे। यह बिचौलियों को खत्म करके स्थानीय किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य सुनिश्चित करेगा।

Q4. पार्क में जैव-विविधता को बढ़ावा देने के लिए कौन सी विशेष तकनीक इस्तेमाल की जा रही है?

A4. जैव-विविधता को बढ़ावा देने के लिए पार्क में मियावाकी पद्धति का उपयोग करके एक घना वन क्षेत्र तैयार किया जा रहा है। इसके तहत आम, जामुन, पीपल, बरगद सहित कुल 20 प्रजातियों के 1,260 पौधे लगाए जाएंगे, जिससे कम समय में सघन हरियाली विकसित होगी।

Q5. बच्चों के लिए इस लखनऊ मैंगो पार्क में क्या विशेष आकर्षण होगा?

A5. बच्चों की रुचि को ध्यान में रखते हुए पार्क में एक विशेष ज़ोन (Kids’ Zone) बनाया जा रहा है, जहाँ 17 आधुनिक और सुरक्षित झूले लगाए जाएंगे। यह क्षेत्र बच्चों और परिवारों के लिए पार्क को एक आकर्षक मनोरंजन गंतव्य बनाएगा।

External Source: etvbharat.com

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