अधिक प्रोटीन के साइड इफेक्ट्स: मसल्स बनते हैं या सेहत बिगड़ती है? विशेषज्ञों की राय

भूमिका: क्या अधिक प्रोटीन सेहत के लिए सही है?

मसल्स बनाने की होड़ में प्रोटीन सप्लीमेंट्स का चलन तेजी से बढ़ा है। लेकिन क्या अधिक मात्रा में प्रोटीन का सेवन वास्तव में ताकत बढ़ाता है या यह दिल और किडनी जैसे अंगों पर नकारात्मक असर डाल सकता है? इस रिपोर्ट में हम विशेषज्ञों की राय, वैज्ञानिक शोध और पोषण संबंधी तथ्यों के आधार पर इसका विश्लेषण कर रहे हैं।

🧬 प्रोटीन का कार्य और शरीर में भूमिका

प्रोटीन शरीर के निर्माण खंडों में से एक है। यह मांसपेशियों, त्वचा, एंजाइम्स और हार्मोन के निर्माण में मदद करता है।

🧾 प्रोटीन के प्रमुख कार्य:

  • मांसपेशियों की मरम्मत और वृद्धि
  • हार्मोन और एंजाइम्स का निर्माण
  • इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाना
  • ऊतकों की मरम्मत और कोशिकाओं का निर्माण

🏋️‍♂️ क्या अधिक प्रोटीन से मसल्स तेजी से बनते हैं?

📊 रिसर्च क्या कहती है?

2018 की एक मेटा-एनालिसिस के अनुसार, रेजिस्टेंस ट्रेनिंग (जैसे वेट लिफ्टिंग) के साथ प्रोटीन सप्लीमेंट लेने से मसल्स और ताकत में कुछ हद तक वृद्धि होती है। लेकिन यह लाभ सीमित होता है।

  • प्रति किलोग्राम शरीर के वजन पर 1.62 ग्राम प्रोटीन तक का सेवन फायदेमंद माना गया।
  • हाल की एक अन्य स्टडी ने इस सीमा को घटाकर 1.1 ग्राम प्रति किलोग्राम बताया।

🧪 अतिरिक्त प्रोटीन का क्या होता है?

शरीर जरूरत से ज्यादा प्रोटीन को मूत्र के जरिए बाहर निकाल देता है। इसका मतलब यह है कि अतिरिक्त प्रोटीन शरीर में संग्रहित नहीं होता, बल्कि व्यर्थ चला जाता है।

⚠️ अधिक प्रोटीन के संभावित साइड इफेक्ट्स

🩺 स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव:

  1. किडनी पर दबाव: अधिक प्रोटीन किडनी को अतिरिक्त काम करने पर मजबूर करता है, जिससे दीर्घकालिक नुकसान हो सकता है।
  2. दिल की बीमारियां: कुछ स्टडीज में हाई-प्रोटीन डाइट को कार्डियोवैस्कुलर रिस्क से जोड़ा गया है।
  3. पाचन समस्याएं: गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  4. हड्डियों पर असर: अत्यधिक प्रोटीन से कैल्शियम की कमी हो सकती है।
  5. डिहाइड्रेशन: प्रोटीन के मेटाबोलिज्म में अधिक पानी की आवश्यकता होती है, जिससे शरीर में पानी की कमी हो सकती है।

🧠 विशेषज्ञ की राय: क्या कहते हैं न्यूट्रिशनिस्ट?

पोषण विशेषज्ञ क्लैट के अनुसार:

“रेजिस्टेंस ट्रेनिंग ही 90% परिणाम देती है। प्रोटीन सप्लीमेंट्स केवल मामूली बूस्ट प्रदान करते हैं।”

उनका मानना है कि प्रोटीन का स्रोत भी महत्वपूर्ण है—क्या वह डाइट से आ रहा है या सप्लीमेंट से? और क्या वह प्लांट-बेस्ड है या एनिमल-बेस्ड?

🌱 प्लांट-बेस्ड बनाम एनिमल-बेस्ड प्रोटीन

🥩 एनिमल प्रोटीन:

  • शरीर में जल्दी अवशोषित होता है।
  • मसल्स ग्रोथ के लिए अधिक प्रभावी माना गया है।

🥦 प्लांट प्रोटीन:

  • फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर।
  • लंबे समय में हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर।

एक अध्ययन में पाया गया कि ऑम्निवोर और वीगन डाइट में प्रोटीन की मात्रा समान होने पर भी मसल्स प्रोटीन सिंथेसिस में कोई खास अंतर नहीं था।

🧪 क्रिएटिन और अन्य सप्लीमेंट्स का प्रभाव

क्रिएटिन, जो तीन अमीनो एसिड से बना होता है, मसल्स ग्रोथ में मदद करता है। लेकिन इसका प्रभाव भी तभी होता है जब इसे वेट ट्रेनिंग के साथ लिया जाए।

📏 क्या आपको अपनी प्रोटीन मात्रा जाननी चाहिए?

संयुक्त राष्ट्र के फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन (FAO) के अनुसार, औसत अमेरिकी व्यक्ति प्रतिदिन लगभग 225 ग्राम मांस खाता है। इसमें अंडे, डेयरी और पौधों से मिलने वाला प्रोटीन शामिल नहीं है।

इसका मतलब है कि अधिकांश लोग पहले से ही पर्याप्त प्रोटीन ले रहे हैं। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होता

📌 कब और कितना प्रोटीन लेना सही?

✅ सामान्य दिशानिर्देश:

  • बैठे रहने वाले व्यक्ति: 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम शरीर वजन
  • एक्टिव व्यक्ति: 1.2–1.6 ग्राम प्रति किलोग्राम
  • एथलीट्स: 1.6–2.2 ग्राम प्रति किलोग्राम

🧭 संतुलन है जरूरी

प्रोटीन का सेवन करते समय यह ध्यान रखना जरूरी है कि शरीर को अन्य पोषक तत्वों की भी आवश्यकता होती है। केवल प्रोटीन पर आधारित डाइट से शरीर में पोषण असंतुलन हो सकता है।

📚 निष्कर्ष: सीमित मात्रा में ही लाभकारी है प्रोटीन

अध्ययनों और विशेषज्ञों की राय से यह स्पष्ट होता है कि प्रोटीन का सेवन शारीरिक गतिविधि और वजन के अनुसार होना चाहिए। अधिक मात्रा में प्रोटीन लेने से न तो मसल्स में बहुत अधिक वृद्धि होती है और न ही यह स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित है।

❓ FAQs

Q1: क्या अधिक प्रोटीन से मसल्स तेजी से बनते हैं?

उत्तर: सीमित मात्रा में हां, लेकिन जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होता।

Q2: क्या हाई-प्रोटीन डाइट से दिल की बीमारी का खतरा बढ़ता है?

उत्तर: कुछ स्टडीज में ऐसा संकेत मिला है, लेकिन स्पष्ट प्रमाण नहीं हैं।

Q3: प्लांट-बेस्ड और एनिमल-बेस्ड प्रोटीन में कौन बेहतर है?

उत्तर: दोनों के अपने फायदे हैं। एनिमल प्रोटीन जल्दी अवशोषित होता है, जबकि प्लांट प्रोटीन फाइबर से भरपूर होता है।

Q4: क्या सप्लीमेंट्स लेना जरूरी है?

उत्तर: यदि डाइट से पर्याप्त प्रोटीन मिल रहा है, तो सप्लीमेंट्स की जरूरत नहीं होती।

🏁 निष्कर्ष

प्रोटीन शरीर के लिए आवश्यक है, लेकिन इसकी मात्रा का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों की राय और वैज्ञानिक शोध इस बात की पुष्टि करते हैं कि जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से कोई अतिरिक्त लाभ नहीं होता, बल्कि यह स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसलिए, संतुलित डाइट और नियमित व्यायाम ही मसल्स ग्रोथ और बेहतर स्वास्थ्य का सही रास्ता है।

External Source: Patrika Report

अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा हो, तो इसे शेयर करें और दूसरों को भी जागरूक करें। NEWSWELL24.COM पर हम ऐसे ही जरूरी और भरोसेमंद जानकारी लाते रहते हैं

Leave a Comment

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now