🚦 भोपाल-इंदौर हाईवे पर ट्रैफिक जाम से राहत की बड़ी पहल
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल और आर्थिक राजधानी इंदौर के बीच सफर अब और भी सुगम होने जा रहा है। राज्य सरकार ने भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर एक अत्याधुनिक 6-लेन फ्लाईओवर के निर्माण की घोषणा की है, जिसकी लागत ₹31 करोड़ तय की गई है। इस परियोजना का भूमिपूजन हाल ही में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और हुजूर विधायक रामेश्वर शर्मा द्वारा किया गया।
📍 11 मील खजूरी जंक्शन पर बनेगा फ्लाईओवर
- फ्लाईओवर का निर्माण 11 मील स्थित खजूरी जंक्शन पर किया जाएगा।
- कुल लंबाई: 850 मीटर
- चौड़ाई: 6 लेन
- निर्माण एजेंसी: मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC)
- अनुमानित लागत: ₹31 करोड़
- लक्ष्य: वर्ष 2028 में उज्जैन सिंहस्थ से पहले निर्माण पूर्ण करना
यह फ्लाईओवर भोपाल-इंदौर मार्ग पर ट्रैफिक दबाव को कम करने और भविष्य की भीड़भाड़ को नियंत्रित करने के उद्देश्य से बनाया जा रहा है।
🛣️ क्यों जरूरी है यह फ्लाईओवर?
🚗 ट्रैफिक प्रबंधन में सुधार:
- भोपाल बायपास और खजूरी जंक्शन पर अक्सर लगने वाले जाम से मिलेगी राहत।
- हाईवे पर चलने वाले भारी वाहनों और निजी गाड़ियों को मिलेगा निर्बाध मार्ग।
🕉️ सिंहस्थ 2028 की तैयारी:
- उज्जैन में 2028 में होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी।
- इस दौरान ट्रैफिक का दबाव अत्यधिक बढ़ेगा, जिसे यह फ्लाईओवर संभालने में मदद करेगा।
🏗️ निर्माण की प्रमुख विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| परियोजना का नाम | भोपाल-इंदौर हाईवे फ्लाईओवर |
| स्थान | 11 मील खजूरी जंक्शन |
| लंबाई | 850 मीटर |
| चौड़ाई | 6 लेन |
| लागत | ₹31 करोड़ |
| निर्माण एजेंसी | MPRDC |
| लक्ष्य तिथि | सिंहस्थ 2028 से पूर्व |
💡 फ्लाईओवर में क्या-क्या होगा खास?
- LED स्ट्रीट लाइट्स: रात में बेहतर विजिबिलिटी के लिए।
- सर्विस लेन: स्थानीय ट्रैफिक के लिए अलग लेन।
- ड्रेनेज सिस्टम: बारिश के पानी की निकासी के लिए आधुनिक व्यवस्था।
- सुरक्षा बैरियर: दुर्घटनाओं को रोकने के लिए साइड रेलिंग।
🧱 MPRDC की भूमिका और अनुभव
मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) राज्य में कई हाईवे और फ्लाईओवर परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर चुका है। इस एजेंसी ने भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे के निर्माण में भी अहम भूमिका निभाई थी। अब इस फ्लाईओवर के निर्माण की जिम्मेदारी भी इसी संस्था को सौंपी गई है।
🗣️ नेताओं की प्रतिक्रिया
🗨️ रामेश्वर शर्मा, विधायक हुजूर:
“यह फ्लाईओवर न केवल ट्रैफिक जाम से राहत देगा, बल्कि सिंहस्थ 2028 के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी वरदान साबित होगा।”
🗨️ नरेंद्र सिंह तोमर, विधानसभा अध्यक्ष:
“हुजूर विधानसभा के ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब शहरों जैसा विकास हो रहा है। यह फ्लाईओवर उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।”
📊 ट्रैफिक डेटा और भविष्य की योजना
🚘 वर्तमान ट्रैफिक स्थिति:
- प्रतिदिन 40,000+ वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं।
- त्योहारों और छुट्टियों में यह संख्या 60,000 तक पहुंच जाती है।
🔮 भविष्य की योजना:
- फ्लाईओवर के बाद अन्य जंक्शनों पर भी ट्रैफिक सुधार योजनाएं लागू होंगी।
- स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल और CCTV निगरानी की योजना भी प्रस्तावित।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. भोपाल-इंदौर फ्लाईओवर कहां बन रहा है?
👉 यह फ्लाईओवर 11 मील खजूरी जंक्शन पर बनाया जा रहा है।
Q2. इस फ्लाईओवर की लागत कितनी है?
👉 ₹31 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।
Q3. यह फ्लाईओवर कब तक बनकर तैयार होगा?
👉 इसे वर्ष 2028 में उज्जैन सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य है।
Q4. इसका निर्माण कौन कर रहा है?
👉 मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) इस परियोजना का निर्माण कर रहा है।
Q5. इससे क्या लाभ होंगे?
👉 ट्रैफिक जाम से राहत, बेहतर ट्रैफिक मैनेजमेंट और सिंहस्थ के दौरान भीड़ नियंत्रण।
🔚 निष्कर्ष: विकास की ओर एक और कदम
भोपाल-इंदौर हाईवे पर बनने वाला यह फ्लाईओवर न केवल ट्रैफिक जाम से राहत देगा, बल्कि राज्य के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करेगा। सिंहस्थ 2028 जैसे बड़े आयोजन को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना समय की मांग है। यदि निर्धारित समयसीमा में इसका निर्माण पूरा होता है, तो यह क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
External Source: Patrika Report
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