परिचय: सलूंबर के झल्लारा में दिल दहला देने वाला हत्याकांड
राजस्थान के सलूंबर जिले के झल्लारा थाना क्षेत्र में वर्ष 2020 में एक वृद्ध महिला की नृशंस हत्या ने पूरे इलाके को झकझोर दिया था। अब इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी दंपती को आजीवन कारावास की सजा सुनाकर न्याय का संदेश दिया है।
🧩 हत्या की पृष्ठभूमि: उधारी मांगने गई थी वृद्धा
📅 घटना की तारीख: 24 जुलाई 2020
- खोलडी गांव निवासी 75 वर्षीय झमकू बाई गाड़िया लोहार अपने पड़ोसी महेंद्र कलाल से उधारी के पैसे मांगने गई थीं।
- लेकिन वह वापस घर नहीं लौटी, जिससे परिवार चिंतित हो गया और तलाश शुरू की गई।
🧠 संदिग्ध परिस्थितियाँ
- अगले दिन 25 जुलाई को नौखली से समोडा रोड के पास एक प्लास्टिक के कट्टे में महिला के शव के टुकड़े बरामद हुए।
- शव की पहचान मृतका के पुत्रों ने की और झल्लारा थाने में हत्या का मामला दर्ज कराया गया।
⚖️ अदालत की कार्यवाही: न्याय का पल
🧾 अभियोजन पक्ष की प्रस्तुति
- लोक अभियोजक रणजीत पूर्बिया और अपर अभियोजक नाहर सिंह चुंडावत ने अदालत में 34 दस्तावेज और 21 गवाह पेश किए।
- न्यायाधीश रामेश्वर प्रसाद चौधरी ने आरोपी महेंद्र कलाल और उसकी पत्नी सीमा कलाल को दोषी करार दिया।
🧨 सजा का ऐलान
- दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और ₹15,000 का अर्थदंड सुनाया गया।
- अदालत ने कहा, “यह अपराध अत्यंत जघन्य है, जिसमें वृद्ध महिला पर अमानवीय अत्याचार कर उसकी हत्या की गई।”
🧠 अपराध की गहराई: कैसे रची गई साजिश?
🧪 हत्या का मकसद: जेवरात की लूट
- अभियोजन के अनुसार, दंपती ने पहले से योजना बनाकर वृद्धा को अपने घर बुलाया।
- हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर प्लास्टिक के कट्टे में भर दिया और सुनसान जगह पर फेंक दिया।
- महिला के गहने लूट लिए गए, जो बाद में पुलिस ने बरामद किए।
🚨 पुलिस जांच: कैसे हुआ खुलासा?
🔍 जांच की प्रमुख बातें:
- शव की बरामदगी: कट्टे में मिले शव के टुकड़े से सनसनी फैल गई।
- शिनाख्त: मृतका के पुत्रों ने शव की पहचान की।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने महेंद्र और सीमा को गिरफ्तार कर लिया।
- सबूत: गहनों की बरामदगी और गवाहों की गवाही ने केस को मजबूत किया।
📜 अदालत का संदेश: न्याय व्यवस्था में विश्वास
- न्यायाधीश ने अपने निर्णय में कहा कि यह फैसला समाज में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास को मजबूत करता है।
- वृद्ध महिला के साथ हुई क्रूरता को देखते हुए अदालत ने कोई नरमी नहीं बरती।
📌 प्रमुख तथ्य एक नजर में
- घटना स्थल: खोलडी गांव, झल्लारा थाना क्षेत्र, सलूंबर
- पीड़िता: झमकू बाई गाड़िया लोहार (75 वर्ष)
- आरोपी: महेंद्र कलाल और सीमा कलाल (पड़ोसी दंपती)
- घटना तिथि: 24 जुलाई 2020
- शव बरामदगी: 25 जुलाई 2020, प्लास्टिक के कट्टे में
- सजा: आजीवन कारावास + ₹15,000 जुर्माना
📚 सामाजिक और कानूनी विश्लेषण
👥 वृद्धों की सुरक्षा पर सवाल
- यह मामला दर्शाता है कि वृद्ध नागरिकों की सुरक्षा को लेकर समाज में अभी भी गंभीर चुनौतियाँ हैं।
- पड़ोसी ही जब अपराधी बन जाएं, तो भरोसे की दीवारें टूट जाती हैं।
⚖️ कानून का डर जरूरी
- इस फैसले से यह संदेश गया है कि कानून से कोई नहीं बच सकता।
- जघन्य अपराधों में कठोर सजा देना न्याय व्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
❓FAQs.
❓ झमकू बाई की हत्या कब हुई थी?
24 जुलाई 2020 को हत्या की गई थी।
❓ शव कहां मिला था?
25 जुलाई को नौखली-समोडा रोड के पास प्लास्टिक के कट्टे में शव के टुकड़े मिले थे।
❓ आरोपी कौन थे?
महेंद्र कलाल और उसकी पत्नी सीमा कलाल, जो मृतका के पड़ोसी थे।
❓ अदालत ने क्या सजा सुनाई?
दोनों को आजीवन कारावास और ₹15,000 का जुर्माना सुनाया गया।
❓ हत्या का मकसद क्या था?
जेवरात की लूट के लिए हत्या की गई थी।
🔚 निष्कर्ष: न्याय की जीत, समाज को संदेश
सलूंबर के झल्लारा क्षेत्र में हुई इस दिल दहला देने वाली हत्या ने समाज को झकझोर दिया था। लेकिन अदालत के फैसले ने यह साबित कर दिया कि न्याय देर से ही सही, लेकिन मिलता जरूर है। वृद्ध महिला के साथ हुई क्रूरता का जवाब कानून ने सख्ती से दिया, जो समाज में न्याय व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक है।
https://www.patrika.com/udaipur-news/udaipur-couple-sentenced-to-life-imprisonment-for-murdering-an-old-woman-and-robbing-her-jewellery-in-salumbar-20095129External Source: Patrika Report
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