CM Nitish Oath Ceremony: बिहार की राजनीति में आज का दिन स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गया है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए (NDA) को मिली प्रचंड और निर्णायक जीत के बाद, जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सुप्रीमो नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने आज पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में रिकॉर्ड दसवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है।
🏛️ गांधी मैदान गवाह बना ऐतिहासिक क्षण का: ‘नीतीश 10.0’ का आगाज
पटना का गांधी मैदान, जो भारतीय राजनीति के कई बड़े बदलावों का गवाह रहा है, आज एक और ऐतिहासिक घटना का केंद्र बना। 20 नवंबर 2025 की दोपहर, जैसे ही नीतीश कुमार ने मंच पर कदम रखा, पूरा मैदान ‘जय बिहार’ और एनडीए के नारों से गूंज उठा। यह केवल एक शपथ ग्रहण समारोह नहीं था, बल्कि भारतीय लोकतंत्र में एक मुख्यमंत्री द्वारा दसवीं बार (10th Time) पद की शपथ लेने का एक अभूतपूर्व रिकॉर्ड भी था।
इस भव्य समारोह की गरिमा बढ़ाने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी मंच साझा किया। यह उपस्थिति स्पष्ट संदेश दे रही थी कि बिहार में ‘डबल इंजन’ की सरकार विकास की नई इबारत लिखने को तैयार है।
🤝 सम्राट और विजय सिन्हा फिर बने ‘डिप्टी CM’: शक्ति संतुलन का संदेश
नई सरकार के गठन में सामाजिक समीकरणों और राजनीतिक संतुलन का पूरा ख्याल रखा गया है। नीतीश कुमार के साथ दो उप-मुख्यमंत्रियों ने भी शपथ ली:
- सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary): बीजेपी के कद्दावर नेता और आक्रामक छवि वाले सम्राट चौधरी ने उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।
- विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha): अनुभव और संगठन पर पकड़ रखने वाले विजय कुमार सिन्हा को भी दोबारा डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन दोनों नेताओं का चयन यह दर्शाता है कि एनडीए सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र के साथ-साथ अपने कोर वोट बैंक को भी साधने में सफल रही है।
📋 मंत्रिमंडल में 26 ‘रत्न’: देखिए किसे मिली जगह?
शपथ ग्रहण समारोह में कुल 26 नेताओं ने मंत्री पद की गोपनीयता की शपथ ली। इस लिस्ट में अनुभव और युवा जोश का बेहतरीन मिश्रण देखने को मिला है। जातिगत समीकरणों को साधते हुए बीजेपी, जेडीयू, हम (HAM), आरएलएम (RLM) और एलजेपी-आर (LJP-R) के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
🔴 भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोटा
बीजेपी ने अपने कोटे से सबसे ज्यादा मंत्रियों को शपथ दिलवाई है, जिसमें कई पुराने चेहरों के साथ नए नाम भी शामिल हैं:
- सम्राट चौधरी (उपमुख्यमंत्री)
- विजय कुमार सिन्हा (उपमुख्यमंत्री)
- मंगल पांडेय
- दिलीप जायसवाल
- नितिन नवीन
- रामकृपाल यादव (वरिष्ठ नेता)
- संजय सिंह टाइगर
- अरुण शंकर प्रसाद
- सुरेंद्र मेहता
- नारायण प्रसाद
- रमा निषाद
- लखेंद्र कुमार रौशन
- श्रेयसी सिंह (युवा और खेल चेहरा)
- प्रमोद कुमार
🟢 जनता दल यूनाइटेड (JDU) का कोटा
नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के विश्वस्त सहयोगियों पर एक बार फिर भरोसा जताया है:
- नीतीश कुमार (मुख्यमंत्री)
- विजय कुमार चौधरी (करीबी सिपहसालार)
- बिजेंद्र प्रसाद यादव
- श्रवण कुमार
- अशोक चौधरी
- लेशी सिंह
- मदन सहनी
- सुनील कुमार
- मोहम्मद जमा खान (अल्पसंख्यक चेहरा)
🔵 सहयोगी दलों की हिस्सेदारी
एनडीए के घटक दलों को भी सम्मानजनक स्थान दिया गया है:
- संजय कुमार पासवान (LJP-R – चिराग पासवान गुट)
- संजय कुमार सिंह (LJP-R)
- संतोष सुमन (HAM – जीतन राम मांझी के पुत्र)
- दीपक प्रकाश (RLM – उपेंद्र कुशवाहा गुट)
📅 नीतीश कुमार का सफर: 2000 से 2025 तक (एक नजर में)
नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा है। सुशासन बाबू के नाम से मशहूर नीतीश ने पिछले 25 सालों में बिहार की राजनीति को अपने इर्द-गिर्द ही घुमाया है। आइए नजर डालते हैं उन तारीखों पर जब-जब उन्होंने शपथ ली:
| क्रम संख्या | शपथ ग्रहण की तारीख | विशेष टिप्पणी |
| 1 | 03 मार्च 2000 | मात्र 7 दिनों की सरकार |
| 2 | 24 नवंबर 2005 | पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में आए |
| 3 | 26 नवंबर 2010 | एनडीए की भारी जीत |
| 4 | 22 फरवरी 2015 | जीतन राम मांझी को हटाने के बाद |
| 5 | 20 नवंबर 2015 | महागठबंधन (RJD+JDU) के साथ |
| 6 | 27 जुलाई 2017 | महागठबंधन छोड़कर वापस NDA में |
| 7 | 16 नवंबर 2020 | विधानसभा चुनाव के बाद |
| 8 | अगस्त 2022 | NDA छोड़कर RJD के साथ |
| 9 | 28 जनवरी 2024 | ‘इंडिया’ गठबंधन छोड़कर NDA में वापसी |
| 10 | 20 नवंबर 2025 | ऐतिहासिक 10वीं बार शपथ (वर्तमान) |
उनका यह दसवां कार्यकाल भारत के किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री के लिए एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसे तोड़ना भविष्य में किसी भी नेता के लिए लगभग असंभव होगा।
✨ वीवीआईपी मेहमानों से गुलजार रहा पटना
शपथ ग्रहण समारोह में एनडीए की एकजुटता (Unity) का भव्य प्रदर्शन देखने को मिला। मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया। पीएम मोदी ने नीतीश कुमार को गले लगाकर बधाई दी।
इसके अलावा, कई राज्यों के मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने:
- योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
- मोहन यादव (मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश)
- देवेन्द्र फडनवीस (उपमुख्यमंत्री, महाराष्ट्र)
- चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री)
- जीतन राम मांझी (केंद्रीय मंत्री)
सुरक्षा व्यवस्था इतनी चाक-चौबंद थी कि गांधी मैदान के चारों ओर परिंदा भी पर नहीं मार सकता था। एसपीजी (SPG) और बिहार पुलिस ने सुरक्षा का कड़ा घेरा बना रखा था।
🎭 संस्कृति के रंग: मैथिली ठाकुर ने बांधा समां
राजनीतिक गहमागहमी के बीच बिहार की समृद्ध संस्कृति भी मंच पर जीवंत हो उठी। नवनिर्वाचित विधायक और बिहार की बेटी मैथिली ठाकुर (Maithili Thakur) ने अपनी सुरीली आवाज में लोकगीतों की प्रस्तुति दी।
समारोह में बिहार की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले नृत्यों का भी आयोजन किया गया:
- जट-जटिन (Jat-Jatin): बिहार के दांपत्य जीवन की खट्टी-मीठी नोकझोंक।
- झिझिया (Jhijhiya): देवी की आराधना।
- सामा-चकेवा (Sama-Chakeva): भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक।सांसद और अभिनेता मनोज तिवारी ने भी अपने गीतों से जनता का मनोरंजन किया और माहौल को उत्सवपूर्ण बना दिया।
🚀 नई सरकार के सामने चुनौतियां और उम्मीदें
2025 का जनादेश स्पष्ट रूप से विकास और स्थिरता के लिए है। 10वीं बार मुख्यमंत्री बनने के बाद नीतीश कुमार के सामने कई चुनौतियां और लक्ष्य हैं:
- रोजगार (Employment): युवाओं को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
- उद्योग (Industries): बिहार में बड़े उद्योगों को आकर्षित करना।
- कानून व्यवस्था: ‘सुशासन’ की छवि को और मजबूत करना।
- बाढ़ प्रबंधन: उत्तर बिहार की वार्षिक बाढ़ समस्या का स्थायी समाधान खोजना।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र में मोदी सरकार और राज्य में नीतीश सरकार का यह तालमेल बिहार को विकास की पटरी पर तेजी से दौड़ाएगा।
📝 निष्कर्ष (Conclusion)
कुल मिलाकर, 20 नवंबर 2025 का दिन बिहार के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है। नीतीश कुमार की 10वीं बार ताजपोशी यह साबित करती है कि बिहार की राजनीति में उनकी प्रासंगिकता और स्वीकार्यता आज भी कायम है। अब देखना यह होगा कि अपनी इस नई पारी में ‘सुशासन बाबू’ बिहार की जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतरते हैं।
Newswell24 की टीम नई सरकार को शुभकामनाएं देती है और बिहार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1: नीतीश कुमार ने अब तक कितनी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है?
Ans: नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है, जो एक भारतीय रिकॉर्ड है।
Q2: बिहार के नए उपमुख्यमंत्री कौन हैं?
Ans: बिहार में दो उपमुख्यमंत्री बनाए गए हैं – बीजेपी के सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा।
Q3: शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन से बड़े नेता शामिल हुए?
Ans: समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ और एमपी सीएम मोहन यादव समेत कई केंद्रीय मंत्री शामिल हुए।
Q4: 2025 में बिहार में किस गठबंधन की सरकार बनी है?
Ans: बिहार में एनडीए (NDA) गठबंधन की सरकार बनी है, जिसमें जेडीयू, बीजेपी, एलजेपी-आर, हम और आरएलएम शामिल हैं।
Q5: नीतीश कुमार पहली बार मुख्यमंत्री कब बने थे?
Ans: नीतीश कुमार ने पहली बार 3 मार्च 2000 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी, हालांकि वह सरकार सिर्फ 7 दिन ही चल पाई थी।
External Source: Patrika Report
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