छत्तीसगढ़ राशनकार्ड ई-केवायसी: 58,000+ नामों पर खतरा! कहीं आपका राशन भी न रुक जाए? आखिरी मौका, तुरंत करें यह काम

नवभारत, न्यूस्वेल24.कॉम। छत्तीसगढ़ राज्य के लाखों राशनकार्ड हितग्राहियों के लिए एक महत्वपूर्ण और चिंताजनक खबर सामने आई है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा अनिवार्य किए गए आधार-आधारित ई-केवायसी (e-KYC) की प्रक्रिया को पूरा न करने वाले 58,103 से अधिक सदस्यों के नाम को ऑनलाइन ब्लॉक कर दिया गया है। इस कार्रवाई के कारण, इन सदस्यों को दिसंबर महीने का रियायती राशन नहीं मिल पाएगा, जिससे उनकी खाद्य सुरक्षा पर सीधा असर पड़ा है। इस कदम ने हजारों परिवारों के बीच मायूसी और असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है, खासकर उन ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जहाँ डिजिटल पहुँच सीमित है।


📅 क्यों उठाया गया यह कड़ा कदम? ई-केवायसी की अनिवार्यता

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी “वन नेशन, वन राशन कार्ड (ONORC)” योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-केवायसी को अनिवार्य किया गया है। छत्तीसगढ़ राशनकार्ड ई-केवायसी का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि सब्सिडी वाला राशन केवल वास्तविक और पात्र हितग्राहियों तक ही पहुँचे।

✅ ई-केवायसी की आवश्यकता के मुख्य कारण:

  • डुप्लीकेट एंट्री पर रोक: एक ही व्यक्ति के नाम पर विभिन्न राशनकार्डों में दोहराव (Duplicate Entries) को समाप्त करना।
  • अपात्रों का निष्कासन: अपात्र या मृत सदस्यों के नाम को सूची से हटाकर प्रणाली को स्वच्छ बनाना।
  • पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करना: राशनकार्ड धारकों को देश में कहीं भी, किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से अपना राशन लेने की सुविधा प्रदान करना।
  • प्रमाणिक पहचान: प्रत्येक सदस्य की पहचान को आधार डेटाबेस से प्रमाणित कर योजना का लाभ सुनिश्चित करना।

खाद्य विभाग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने के लिए हितग्राहियों को पाँच बार समय सीमा बढ़ाई थी। शुरू में, ई-केवायसी के लिए अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में दो और महीनों के लिए बढ़ाया गया था। बार-बार चेतावनी और समय विस्तार के बावजूद, जिन सदस्यों ने इस प्रक्रिया को पूरा नहीं किया, उनके नाम को अब ऑनलाइन ब्लॉक कर दिया गया है।


📊 धमतरी जिले का विस्तृत डेटा: प्रभावितों की संख्या

इस कार्रवाई के संदर्भ में धमतरी जिले का डेटा एक महत्वपूर्ण केस स्टडी प्रस्तुत करता है, हालांकि यह स्थिति राज्य के अन्य जिलों में भी व्याप्त हो सकती है। धमतरी जिले में विभिन्न श्रेणियों के 2 लाख 60 हजार 243 राशनकार्ड संचालित हैं, जिनमें अंत्योदय, बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे), एपीएल (गरीबी रेखा से ऊपर), और निशक्तजन कार्ड शामिल हैं।

📋 धमतरी जिले में राशनकार्ड की स्थिति:

श्रेणीराशनकार्डों की संख्यासदस्य संख्या (लगभग)
कुल राशनकार्ड2,60,2438,60,491
बीपीएल (BPL)2,35,270N/A
एपीएल (APL)24,973N/A
ई-केवायसी के कारण ब्लॉक सदस्यN/A58,103

खाद्य विभाग के अनुसार, 58,103 सदस्यों के नाम ब्लॉक किए गए हैं, जो 5 साल से अधिक उम्र के हैं। यह वह महत्वपूर्ण आंकड़ा है जिसने छत्तीसगढ़ राशनकार्ड ई-केवायसी को लेकर चिंता बढ़ा दी है।


🚫 ब्लॉक सदस्यों पर तात्कालिक और भविष्य का असर

ई-केवायसी अपडेट न होने के कारण ऑनलाइन ब्लॉकिंग की यह कार्रवाई तत्काल प्रभाव से दिसंबर महीने के राशन वितरण पर लागू कर दी गई है।

📉 राशन से वंचित:

  • ब्लॉक किए गए 58,103 सदस्यों को उनके राशनकार्ड पर मिलने वाला व्यक्तिगत रियायती अनाज (जैसे चावल, गेहूँ, शक्कर, आदि) नहीं दिया जा रहा है।
  • चूँकि राशनकार्ड परिवार के कुल सदस्यों की संख्या के आधार पर जारी किया जाता है, इन सदस्यों के हिस्से का राशन कटौती कर ही वितरित किया जा रहा है।
  • इससे उन परिवारों की मासिक खाद्य आवश्यकताएँ सीधे तौर पर प्रभावित हुई हैं जो सरकारी राशन पर अत्यधिक निर्भर हैं।

⚠️ आने वाली कार्रवाई: 10 दिसंबर के बाद नाम हटाने की तैयारी

खाद्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल पहली चरण की कार्रवाई है। निर्देशों के अनुसार, यदि ये 58,103 सदस्य 10 दिसंबर के बाद भी अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी नहीं करते हैं, तो उनके नाम को राशनकार्ड से स्थायी रूप से हटाने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। नाम हटने के बाद, इन सदस्यों को भविष्य में भी राशन योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।


👶 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को छूट, पर…

इस अनिवार्य नियम में 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को एक बड़ी राहत दी गई है। डेटा के अनुसार, लगभग 42,000 बच्चों को फिलहाल ई-केवायसी से छूट मिली हुई है।

📝 बच्चों के लिए नियम:

  1. तत्काल छूट: 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का नाम वर्तमान में ब्लॉक नहीं किया गया है।
  2. अनिवार्य अपडेट: हालाँकि, विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब ये बच्चे 5 वर्ष की आयु पार कर लेंगे, तो उनके माता-पिता या अभिभावकों को उनका आधार कार्ड बनवाकर, ई-केवायसी अपडेट कराना अनिवार्य होगा।

यह छूट एक अस्थायी व्यवस्था है और माता-पिता को समय रहते अपने बच्चों का आधार पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा ताकि भविष्य में उनके हिस्से का राशन न रुके।


💡 ई-केवायसी अपडेट करने के लिए क्या करें?

खाद्य विभाग ने हितग्राहियों को अपनी ई-केवायसी अपडेट करने के लिए दो मुख्य रास्ते दिए हैं। राशन वितरण रुकने के बाद अब यह और भी महत्वपूर्ण हो गया है कि प्रभावित सदस्य जल्द से जल्द इन प्रक्रियाओं का पालन करें।

1️⃣ उचित मूल्य की दुकान पर जाकर:

  • शासन के निर्देश के बाद, ई-केवायसी न कराने वाले सदस्यों की सूची सभी राशन दुकान संचालकों को जारी कर दी गई है।
  • प्रक्रिया: राशन दुकान संचालक राशन वितरण करने से पहले डेटा चेक कर रहे हैं। जिस सदस्य का ई-केवायसी लंबित है, उन्हें तत्काल अपडेट कराने को कहा जा रहा है।
  • आवश्यकता: दुकान संचालक PoS (Point of Sale) मशीन के माध्यम से राशनकार्ड धारक के आधार नंबर और फिंगरप्रिंट/आइरिस स्कैन का उपयोग करके ई-केवायसी को मौके पर ही पूरा कर सकते हैं।

2️⃣ ‘मेरा ई-केवायसी’ ऐप का उपयोग करके (घर बैठे):

डिजिटल सुविधा को बढ़ावा देने के लिए विभाग ने ‘मेरा ई-केवायसी’ नाम से एक एंड्रॉइड मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया है। यह सुविधा उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है जो दुकान पर जाने में असमर्थ हैं या लंबी कतारों से बचना चाहते हैं।

📲 ऐप के माध्यम से ई-केवायसी की चरणबद्ध प्रक्रिया:

  • डाउनलोड: गूगल प्ले स्टोर से ‘मेरा ई-केवायसी’ ऐप डाउनलोड करें।
  • पंजीकरण: ऐप में अपना मोबाइल नंबर और राशनकार्ड नंबर सबमिट करें।
  • ओटीपी सत्यापन: आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर एक वन-टाइम पासवर्ड (OTP) प्राप्त होगा, जिसे दर्ज करना होगा।
  • चेहरा स्कैन (Face Scan): ऐप में एक स्कैनर खुलेगा जो लाभार्थी के चेहरे का स्कैन करेगा (यह आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का एक नया रूप है)।
  • पुनः ओटीपी: सत्यापन के लिए एक बार फिर ओटीपी मांगा जा सकता है।
  • अपडेट: इस प्रक्रिया के सफलतापूर्वक पूरा होने पर, ई-केवायसी घर बैठे ही अपडेट हो जाता है।

अपील: प्रभावित छत्तीसगढ़ राशनकार्ड ई-केवायसी धारकों से अपील है कि वे दिसंबर 10 की समय सीमा से पहले इस प्रक्रिया को पूरा कर लें ताकि उनके नाम सूची से न हटें और उन्हें खाद्य सुरक्षा का लाभ मिलता रहे।


🔍 विश्लेषण: ई-केवायसी क्यों है खाद्य सुरक्षा का भविष्य?

भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य सुरक्षा योजनाओं में से एक है। इसमें लीकेज (चोरी) और डाइवर्जन (रास्ते में ही गबन) हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। ई-केवायसी और आधार लिंकिंग इस प्रणाली को ‘स्मार्ट’ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

🌐 डिजिटलीकरण और पारदर्शिता:

डिजिटलीकरण से पहले, फर्जी राशनकार्ड एक गंभीर समस्या थे। आधार को राशनकार्ड से जोड़कर और ई-केवायसी अनिवार्य करके, सरकार ने एक ऐसा डिजिटल सत्यापन चक्र (Digital Verification Cycle) स्थापित किया है जो मानवीय हस्तक्षेप को कम करता है। इससे राशन का सही मात्रा में, सही समय पर और सही लाभार्थी तक पहुँचना सुनिश्चित होता है।

राशनकार्ड प्रबंधन प्रणाली का यह आधुनिकीकरण न केवल राज्य के संसाधनों की बचत करता है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करता है कि पात्र गरीब परिवारों को उनका हक मिले। हालाँकि, ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल साक्षरता की कमी इस प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न कर सकती है, जिसे सरकार और स्थानीय प्रशासन को मिलकर संबोधित करने की आवश्यकता है।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न.

Q1: ई-केवायसी अपडेट न कराने पर क्या होगा?

A: यदि आप छत्तीसगढ़ राशनकार्ड ई-केवायसी अपडेट नहीं कराते हैं, तो पहले चरण में आपका नाम राशन वितरण सूची से ब्लॉक कर दिया जाएगा (जैसा कि 58,103 सदस्यों के साथ हुआ है)। इसके बाद, 10 दिसंबर की समय सीमा के बाद आपका नाम राशनकार्ड से स्थायी रूप से हटा दिया जाएगा, जिससे आप भविष्य में रियायती राशन के लाभ से वंचित हो जाएँगे।

Q2: ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना क्या है?

A: वन नेशन, वन राशन कार्ड (ONORC) केंद्र सरकार की एक योजना है जो राशनकार्ड धारकों को देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में स्थित किसी भी उचित मूल्य की दुकान (FPS) से अपने हिस्से का पूरा या आंशिक राशन प्राप्त करने की अनुमति देती है। यह योजना लाभार्थियों की पोर्टेबिलिटी सुनिश्चित करती है और ई-केवायसी इसके सफल कार्यान्वयन की आधारशिला है।

Q3: 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों का ई-केवायसी कब कराना होगा?

A: 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को फिलहाल ई-केवायसी से छूट दी गई है। हालाँकि, उनके 5 वर्ष की आयु पूरी करने के तुरंत बाद, माता-पिता को उनका आधार कार्ड बनवाना और ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य होगा, अन्यथा उनका नाम भी ब्लॉक या हटाया जा सकता है।

Q4: मेरा राशनकार्ड ब्लॉक हो गया है, मुझे तुरंत क्या करना चाहिए?

A: यदि आपका राशनकार्ड ब्लॉक हो गया है, तो आपको तत्काल अपनी नजदीकी उचित मूल्य की दुकान (FPS) पर जाना चाहिए। दुकान संचालक के पास PoS मशीन होती है जिसके माध्यम से आपका आधार-आधारित फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन करके ई-केवायसी तुरंत अपडेट किया जा सकता है। वैकल्पिक रूप से, आप ‘मेरा ई-केवायसी’ ऐप का उपयोग करके भी घर बैठे यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

Q5: क्या मैं ‘मेरा ई-केवायसी’ ऐप से अपने परिवार के सभी सदस्यों का ई-केवायसी कर सकता हूँ?

A: हाँ, ‘मेरा ई-केवायसी’ ऐप को विशेष रूप से लाभार्थियों की सुविधा के लिए डिज़ाइन किया गया है। आप इस ऐप का उपयोग करके अपने और अपने परिवार के अन्य सदस्यों का ई-केवायसी घर बैठे ही पूरा कर सकते हैं, बशर्ते आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक हो और आप फेस स्कैन के माध्यम से प्रमाणीकरण करने में सक्षम हों।


📰 निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ राशनकार्ड ई-केवायसी की यह कार्रवाई स्पष्ट संकेत देती है कि राज्य सरकार PDS के डिजिटलीकरण और शुद्धिकरण के प्रति गंभीर है। 58,103 सदस्यों के नाम को ब्लॉक करना एक बड़ा प्रशासनिक कदम है जिसका सीधा उद्देश्य सभी पात्र हितग्राहियों को अंतिम चेतावनी देना है। यह घटनाक्रम सभी राशनकार्ड धारकों के लिए एक वेक-अप कॉल है कि वे ई-केवायसी को एक प्रशासनिक औपचारिकता न समझें, बल्कि खाद्य सुरक्षा के निरंतर लाभ के लिए एक अनिवार्य शर्त मानें। समय रहते इस प्रक्रिया को पूरा करना ही राशन के लाभ को सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है।

अंतिम तिथि 10 दिसंबर को ध्यान में रखते हुए, प्रभावित सदस्यों को बिना किसी देरी के अपनी ई-केवायसी प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।

External Source: Patrika Report

अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा हो, तो इसे शेयर करें और दूसरों को भी जागरूक करें। NEWSWELL24.COM पर हम ऐसे ही जरूरी और भरोसेमंद जानकारी लाते रहते हैं

Leave a Comment

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now