कानपुर नगर / देहात: Newswell24.com
भारत में वित्तीय परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। हाल के महीनों में बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) द्वारा गोल्ड लोन (Gold Loan) की मांग में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। सोने की बढ़ती कीमतें, असुरक्षित लोन पर बढ़ती पाबंदियां और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा किए गए नियामकीय बदलावों ने इस रुझान को और मजबूत किया है।
📈 Gold Loan की बढ़ती मांग: आंकड़े क्या कहते हैं?
- वित्त वर्ष 2026 में बैंकों ने होम लोन और अन्य रिटेल लोन की तुलना में सबसे अधिक गोल्ड लोन वितरित किए।
- RBI के आंकड़ों के अनुसार:
- होम लोन: ₹70,675 करोड़
- गोल्ड लोन: ₹85,432 करोड़
- मार्च 2025 से अब तक गोल्ड लोन वितरण में 40.9% वृद्धि दर्ज की गई है।
- पिछले साल की तुलना में यह वृद्धि 122% रही है।
यह साफ संकेत है कि Gold Loan धीरे-धीरे लोगों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
💡 आखिर लोग Gold Loan की ओर क्यों झुक रहे हैं?
1. सोने की बढ़ती कीमतें
- मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार इस साल सोने की कीमतों में 23% की बढ़ोतरी हुई है।
- 12 सितंबर 2025 को सोने का भाव ₹1,09,390 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया।
- बढ़ती कीमतों का मतलब है – समान मात्रा के सोने पर अब पहले से ज्यादा कर्ज मिल सकता है।
2. पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर पाबंदियां
- इंडियन रेटिंग्स एंड रिसर्च के डायरेक्टर जिनय गाला के अनुसार, क्रेडिट कार्ड और पर्सनल लोन तक पहुंचना कठिन होता जा रहा है।
- ऐसे में लोग छोटे काम शुरू करने या तात्कालिक जरूरतों के लिए गोल्ड लोन को आसान विकल्प मान रहे हैं।
3. RBI के नए नियम
- जून 2025 में RBI ने Gold Loan के लिए लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात 75% से बढ़ाकर 85% कर दिया।
- छोटी राशि के गोल्ड लोन पर अब क्रेडिट अप्रेजल की जरूरत नहीं होगी।
- दस्तावेजी औपचारिकताएं घटेंगी और प्रोसेसिंग भी तेज होगी।
🏦 बैंक बनाम NBFC: गोल्ड लोन की जंग
पारंपरिक तौर पर NBFCs गोल्ड लोन के बड़े प्रदाता माने जाते थे। लेकिन अब सरकारी बैंक भी इस दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
- स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बैंक ऑफ बड़ौदा के बीच गोल्ड लोन देने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
- विशेषज्ञों का कहना है कि बैंकों की इस भागीदारी से ग्राहकों को बेहतर ब्याज दरों और अधिक पारदर्शिता का लाभ मिल सकता है।
🔎 Gold Loan क्यों है आसान विकल्प?
- तेजी से मंजूरी: Gold Loan कुछ ही घंटों में स्वीकृत हो जाता है।
- कम ब्याज दरें: पर्सनल लोन की तुलना में ब्याज दरें कम होती हैं।
- लचीली अवधि: ग्राहक EMI या बुलेट रीपेमेंट विकल्प चुन सकते हैं।
- कम दस्तावेजी झंझट: पर्सनल लोन की तुलना में दस्तावेज कम लगते हैं।
- दोबारा उपयोग: कई ग्राहक बार-बार गोल्ड गिरवी रखकर कर्ज ले रहे हैं।
📊 विशेषज्ञों की राय
- जिनय गाला का कहना है कि कई बैंक ऐसे हैं, जहां 60–70% ग्राहक बार-बार गोल्ड लोन ले रहे हैं।
- RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि छोटे गोल्ड लोन पर एंड-यूज मॉनिटरिंग केवल प्राथमिकता क्षेत्र ऋण (PSL) पर ही लागू होगी।
- इसका मतलब है कि आम ग्राहकों के लिए प्रक्रिया और भी आसान होगी।
⚖️ Gold Loan बनाम अन्य ऋण विकल्प
| ऋण का प्रकार | ब्याज दर (औसत) | मंजूरी समय | दस्तावेजी प्रक्रिया | उपलब्धता |
|---|---|---|---|---|
| पर्सनल लोन | 11–20% | 2–5 दिन | अधिक | कठिन |
| क्रेडिट कार्ड कैश एडवांस | 30–40% | तुरंत | बहुत कम | महंगा |
| गोल्ड लोन | 8–12% | 1–24 घंटे | कम | आसान |
🌍 वैश्विक संदर्भ में गोल्ड लोन
भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोने का उपभोक्ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में सोना केवल आभूषण नहीं बल्कि सुरक्षा कवच और आर्थिक जरूरतों का बैकअप माना जाता है।
- वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट बताती है कि भारत में 65% परिवारों के पास सोना है।
- ग्रामीण अर्थव्यवस्था में गोल्ड लोन किसानों और छोटे व्यवसायियों के लिए तेजी से लोकप्रिय विकल्प बन रहा है।
🚀 Gold Loan के फायदे और चुनौतियां
फायदे ✅
- जल्दी पैसे मिलने की सुविधा
- क्रेडिट स्कोर पर कम निर्भरता
- ब्याज दरों में पारदर्शिता
- लचीले रीपेमेंट विकल्प
चुनौतियां ⚠️
- समय पर भुगतान न करने पर सोना जब्त हो सकता है।
- ब्याज दरें NBFC और बैंकों में अलग-अलग हो सकती हैं।
- ग्राहक को सोने की सुरक्षा की चिंता बनी रहती है।
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
Q1. गोल्ड लोन लेने के लिए क्या दस्तावेज चाहिए?
आमतौर पर पहचान प्रमाण (आधार/पैन) और पते का प्रमाण पर्याप्त होता है।
Q2. क्या Gold Loan पर क्रेडिट स्कोर देखा जाता है?
नहीं, गोल्ड लोन संपार्श्विक आधारित ऋण है, इसलिए क्रेडिट स्कोर का ज्यादा महत्व नहीं होता।
Q3. Gold Loan की ब्याज दर कितनी होती है?
यह बैंक या NBFC पर निर्भर करती है, लेकिन औसतन 8% से 12% के बीच होती है।
Q4. यदि भुगतान समय पर न किया जाए तो क्या होगा?
डिफॉल्ट की स्थिति में बैंक या NBFC गिरवी रखे गए सोने को नीलाम कर सकती है।
Q5. क्या Gold Loan ग्रामीण ग्राहकों के लिए भी उपलब्ध है?
हाँ, बैंक और NBFC दोनों ग्रामीण और शहरी ग्राहकों को गोल्ड लोन प्रदान करते हैं।
🏁 निष्कर्ष
भारत में गोल्ड लोन की मांग लगातार बढ़ रही है। सोने की बढ़ती कीमतें, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर बढ़ती पाबंदियां तथा RBI द्वारा किए गए नियामकीय बदलाव इसके प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में गोल्ड लोन का यह ट्रेंड और भी तेजी से बढ़ेगा, जिससे बैंकिंग सेक्टर में नई प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी।
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