IIT भिलाई की खोज से बिजली बिल में 70% तक की कटौती संभव! जानिए कैसे

🔬 स्मार्ट पॉलीमर जैल: ऊर्जा बचत की दिशा में IIT भिलाई की बड़ी पहल

आईआईटी भिलाई के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी अभिनव तकनीक विकसित की है जो इमारतों में बिजली की खपत को कम करने के साथ-साथ ऊर्जा उत्पादन में भी सहायक हो सकती है। यह तकनीक स्मार्ट पॉलीमर जैल पर आधारित है, जिसे खिड़कियों पर कोटिंग के रूप में लगाया जा सकता है। यह कोटिंग तापमान के अनुसार अपनी पारदर्शिता बदलती है, जिससे धूप को नियंत्रित किया जा सकता है और एयर कंडीशनर पर निर्भरता घटती है।

🏢 इमारतों में ऊर्जा खपत की चुनौती

  • शहरी क्षेत्रों में इमारतों की कूलिंग के लिए भारी मात्रा में बिजली खर्च होती है।
  • एयर कंडीशनर और अन्य कूलिंग उपकरणों की निर्भरता लगातार बढ़ रही है।
  • ऊर्जा दक्षता मिशन और राष्ट्रीय सौर मिशन के तहत भारत ऊर्जा बचत की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

🧪 क्या है स्मार्ट पॉलीमर जैल?

⚙️ तकनीकी विशेषताएं

  • यह जैल खिड़कियों पर कोटिंग के रूप में लगाया जाता है।
  • तापमान बढ़ने पर इसकी पारदर्शिता घटती है, जिससे धूप अंदर नहीं आती।
  • ठंडे मौसम में यह पारदर्शी हो जाता है, जिससे प्राकृतिक रोशनी मिलती है।

🌡️ तापमान के अनुसार प्रतिक्रिया

  • गर्मी में धूप को रोकता है, जिससे कमरे का तापमान नियंत्रित रहता है।
  • एसी की आवश्यकता कम होती है, जिससे बिजली की बचत होती है।

⚡ ऊर्जा बचत के साथ ऊर्जा उत्पादन भी

यह पॉलीमर जैल सिर्फ कूलिंग समाधान नहीं है, बल्कि यह छोटे पावर जनरेटिंग उपकरणों में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में भी कार्य कर सकता है। यानी यह एक साथ ऊर्जा बचाने और ऊर्जा उत्पन्न करने की क्षमता रखता है।

🔋 दोहरे उपयोग की क्षमता

  1. स्मार्ट विंडो कोटिंग – इमारतों में तापमान नियंत्रण।
  2. इलेक्ट्रोलाइट के रूप में उपयोग – छोटे ऊर्जा उपकरणों में ऊर्जा उत्पादन।

👨‍🔬 शोध टीम और नेतृत्व

इस शोध का नेतृत्व आईआईटी भिलाई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजीब बनर्जी ने किया। उनकी टीम में शामिल थे:

  • निशिकांत सिंह
  • दुर्गेश कुमार सिन्हा
  • कौशिक महता
  • दिलीप भोई
  • तेजराम देवांगन
  • कचाला नानाजी

यह शोध अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक जर्नल में प्रकाशित हुआ है, जो ऊर्जा क्षेत्र में आईआईटी भिलाई के योगदान को दर्शाता है।

🌍 टिकाऊ ऊर्जा समाधान की ओर एक कदम

यह तकनीक न केवल इमारतों के लिए उपयोगी है, बल्कि यह टिकाऊ ऊर्जा समाधान के लिए भी उपयुक्त है। भारत जैसे उष्णकटिबंधीय देश में जहां गर्मी अधिक होती है, वहां इस तकनीक का व्यापक उपयोग संभव है।

🌱 पर्यावरणीय लाभ

  • ऊर्जा की खपत में कमी से कार्बन उत्सर्जन घटेगा।
  • प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा।
  • स्मार्ट सिटी मिशन में योगदान देगा।

📈 संभावित उपयोग और विस्तार

🏠 घरेलू उपयोग

  • घरों की खिड़कियों पर कोटिंग से बिजली बिल में कमी।
  • प्राकृतिक रोशनी का बेहतर उपयोग।

🏢 वाणिज्यिक इमारतें

  • ऑफिस बिल्डिंग्स में एसी की लागत घटेगी।
  • ऊर्जा दक्षता बढ़ेगी।

🏭 औद्योगिक क्षेत्र

  • फैक्ट्रियों में तापमान नियंत्रण के लिए उपयोगी।
  • ऊर्जा उत्पादन के लिए इलेक्ट्रोलाइट के रूप में इस्तेमाल।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1: स्मार्ट पॉलीमर जैल क्या है?

उत्तर: यह एक विशेष जैल है जिसे खिड़कियों पर कोटिंग के रूप में लगाया जाता है और यह तापमान के अनुसार अपनी पारदर्शिता बदलता है।

Q2: क्या यह तकनीक घरेलू उपयोग के लिए उपयुक्त है?

उत्तर: हां, यह तकनीक घरों में बिजली की बचत और तापमान नियंत्रण के लिए उपयुक्त है।

Q3: क्या यह ऊर्जा उत्पन्न भी कर सकता है?

उत्तर: हां, यह पॉलीमर जैल छोटे पावर जनरेटिंग उपकरणों में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में भी कार्य कर सकता है।

Q4: इस तकनीक का नेतृत्व किसने किया?

उत्तर: आईआईटी भिलाई के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संजीब बनर्जी ने इस शोध का नेतृत्व किया।

🔚 निष्कर्ष

आईआईटी भिलाई की यह नई तकनीक ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। स्मार्ट पॉलीमर जैल न केवल बिजली की खपत को कम करता है, बल्कि ऊर्जा उत्पादन में भी सहायक है। यह तकनीक भारत के ऊर्जा बचत मिशन को गति देने में सहायक सिद्ध हो सकती है।

External Source: Patrika Report

अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा हो, तो इसे शेयर करें और दूसरों को भी जागरूक करें। NEWSWELL24.COM पर हम ऐसे ही जरूरी और भरोसेमंद जानकारी लाते रहते हैं

Leave a Comment

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now