IND vs SA Playing 11: क्या सुंदर होंगे बाहर? निर्णायक ODI के लिए राहुल का मास्टरस्ट्रोक!

IND vs SA के बीच खेली जा रही तीन मैचों की एकदिवसीय (ODI) श्रृंखला अपने चरम पर पहुँच गई है। श्रृंखला का आखिरी और निर्णायक मुक़ाबला कल, 6 दिसंबर को विशाखापट्टनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। यह मैच ‘करो या मरो’ की स्थिति में है, जहाँ विजेता टीम सीरीज़ पर कब्ज़ा जमाएगी, जबकि हारने वाली टीम को खाली हाथ लौटना होगा। दोनों ही टीमें इस महत्वपूर्ण भिड़ंत के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ एकादश (Playing 11) उतारने की योजना बना रही हैं, जिसमें भारतीय खेमे में एक प्रमुख बदलाव लगभग तय माना जा रहा है।


🇮🇳 भारतीय टीम में बदलाव की बयार: वॉशिंगटन सुंदर की संभावित छुट्टी!

पिछले दो मुकाबलों के विश्लेषण के आधार पर, यह प्रबल संभावना है कि भारतीय टीम प्रबंधन अंतिम वनडे में एक साहसिक कदम उठाते हुए ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग 11 से बाहर कर सकता है। सुंदर ने पिछली दोनों भिड़ंतों में गेंद और बल्ले दोनों से ही कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ा है, जिसने टीम को एक स्पेशलिस्ट की तरफ़ रुख़ करने पर मजबूर कर दिया है।

📉 प्रदर्शन पर एक नज़र: सुंदर का प्रभाव शून्य

  • गेंदबाजी के सीमित अवसर: रांची में हुए पहले वनडे में सुंदर को मात्र तीन ओवर फेंकने को मिले, जिसमें वह कोई सफलता हासिल नहीं कर पाए।
  • रायपुर में निराशा: दूसरे वनडे में उन्हें थोड़ा अधिक मौका मिला, लेकिन उन्होंने अपने चार ओवरों में 28 रन खर्च किए और फिर से विकेट से वंचित रहे।
  • बल्लेबाजी में भी फ्लॉप: बल्लेबाजी क्रम में भी वह कोई बड़ी पारी खेलने में विफल रहे। पहले मैच में उन्होंने 13 रन बनाए, जबकि दूसरे मैच में उनका बल्ला सिर्फ एक रन ही बना पाया।

टीम की मौजूदा परिस्थितियों और संतुलन को देखते हुए, सुंदर की जगह किसी ऐसे खिलाड़ी को शामिल करने की रणनीति बन रही है, जो या तो निचले क्रम को मजबूती दे सके या शीर्ष क्रम को और अधिक आक्रामक बना सके।

🎯 तिलक वर्मा को मिल सकता है बड़ा मौका

सुंदर के स्थान पर एक विशेषज्ञ बल्लेबाज को शामिल करने की अटकलें लगाई जा रही हैं। इस दौड़ में युवा सनसनी तिलक वर्मा एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं।

  • स्पेशलिस्ट बल्लेबाज: तिलक वर्मा अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते हैं, जो मध्यक्रम को आवश्यक गति और स्थिरता प्रदान कर सकते हैं।
  • पार्ट-टाइम स्पिन विकल्प: वर्मा एक अतिरिक्त लाभ के रूप में पार्ट-टाइम ऑफ-स्पिन गेंदबाजी का विकल्प भी प्रदान करते हैं। ज़रूरत पड़ने पर वह 2 से 3 ओवर फेंक सकते हैं, जिससे टीम को गेंदबाजी में एक और आयाम मिल सकता है, हालाँकि उनका मुख्य रोल बल्लेबाजी ही होगा।

टीम की आवश्यकता को देखते हुए, तिलक वर्मा को पदार्पण (Debut) का मौका देना एक दूरंदेशी फैसला हो सकता है, जिससे भारतीय मध्यक्रम को और अधिक मारक क्षमता मिलेगी।


🇿🇦 दक्षिण अफ्रीका के खेमे में भी चिंता: जॉर्जी की चोट

भारत की तरह, दक्षिण अफ्रीका भी निर्णायक मुकाबले में कुछ बदलावों के साथ उतर सकता है। हालांकि, अफ्रीकी टीम की मुख्य चिंता उनके सलामी बल्लेबाज टोनी डी जॉर्जी की चोट है।

  • डी जॉर्जी की इंजरी: दूसरे वनडे में डी जॉर्जी चोटिल हो गए थे, और अगर वह समय पर फिट नहीं हो पाते हैं, तो टीम को मजबूरन उनकी जगह किसी और खिलाड़ी को शामिल करना होगा।
  • रियान रिकेल्टन की वापसी: यदि जॉर्जी अनुपस्थित रहते हैं, तो रियान रिकेल्टन को एक बार फिर प्लेइंग 11 में मौका मिल सकता है। रिकेल्टन दूसरे वनडे में तीन बदलावों के साथ उतरी अफ्रीकी टीम का हिस्सा नहीं थे, लेकिन अब उनकी वापसी की संभावना है।

दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे वनडे में अपनी टीम में तीन बदलाव किए थे, जिसके प्रदर्शन पर टीम को एक यादगार जीत मिली। कप्तान तेम्बा बावुमा चाहेंगे कि टीम उसी जीत की लय को बरकरार रखे, लेकिन एक प्रमुख बल्लेबाज की संभावित अनुपस्थिति उनके लिए सिरदर्द बन सकती है।


🏆 सीरीज का महत्व: भारत के लिए ‘सूखा’ तोड़ने का दबाव

यह तीसरा वनडे सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। भारतीय टीम पर वनडे सीरीज़ न जीत पाने का दो साल से चला आ रहा सूखा समाप्त करने का जबरदस्त दबाव है।

💔 हालिया वनडे सीरीज़ का रिकॉर्ड

  • भारतीय टीम ने पिछले दो वर्षों से कोई भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ नहीं जीती है, जो कि एक मजबूत क्रिकेट राष्ट्र के लिए चिंता का विषय है।
  • घरेलू मैदान पर हार: अपने घर में, भारत ने आखिरी वनडे सीरीज़ मार्च 2023 में ऑस्ट्रेलिया से 2-1 से हारी थी।
  • टेस्ट सीरीज़ का दर्द: हाल ही में, भारतीय टीम को दक्षिण अफ्रीका से टेस्ट सीरीज़ में 0-2 से क्लीनस्वीप का सामना करना पड़ा था। इस निराशा के बाद, टीम किसी भी हाल में वनडे सीरीज़ में हार का मुंह नहीं देखना चाहती है।

कप्तान केएल राहुल और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ इस बात को सुनिश्चित करना चाहेंगे कि टीम अपनी पूरी ताकत और एकाग्रता के साथ मैदान पर उतरे, ताकि घरेलू दर्शकों के सामने यह सूखा खत्म किया जा सके। यह सीरीज़ जीत न केवल मनोबल बढ़ाएगी, बल्कि आगामी बड़े टूर्नामेंटों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत देगी।


📊 तुलनात्मक विश्लेषण: भारत और दक्षिण अफ्रीका की ताकतें और कमजोरियाँ

इस निर्णायक मुकाबले से पहले दोनों टीमों की ताकत और कमजोरियों का विश्लेषण करना महत्वपूर्ण है।

🇮🇳 टीम इंडिया की ताकतें

  1. शीर्ष क्रम की स्थिरता: रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल का सलामी जोड़ी के रूप में तालमेल और उनके पीछे विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ी का होना टीम की सबसे बड़ी ताकत है।
  2. गेंदबाजी में विविधता: कुलदीप यादव की कलाई की स्पिन और अर्शदीप सिंहप्रसिद्ध कृष्णा जैसे तेज गेंदबाजों की गति और स्विंग भारत को मजबूती प्रदान करती है।
  3. कप्तान राहुल की फॉर्म: केएल राहुल न केवल विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में बल्कि कप्तान के रूप में भी बेहतरीन फॉर्म में हैं, जिससे टीम को मध्यक्रम में एक मजबूत एंकर मिलता है।

🛑 टीम इंडिया की कमजोरियाँ

  • निचले मध्यक्रम की अस्थिरता: हार्दिक पांड्या जैसे ऑलराउंडर की अनुपस्थिति में, निचले मध्यक्रम की बल्लेबाजी उतनी मजबूत नहीं दिखती, खासकर सुंदर के बाहर होने पर।
  • स्पिन गेंदबाजी में विकल्प की कमी: सुंदर के बाहर होने पर रवींद्र जडेजा पर स्पिन गेंदबाजी का भार बढ़ जाएगा, और यदि पिच से ज्यादा मदद न मिली तो एक अतिरिक्त विशेषज्ञ स्पिनर की कमी महसूस हो सकती है।

🇿🇦 दक्षिण अफ्रीका की ताकतें

  1. तेज गेंदबाजी आक्रमण: लुंगी एनगिडी और नांद्रे बर्गर जैसे तेज गेंदबाजों की जोड़ी किसी भी बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त करने की क्षमता रखती है।
  2. मार्करम का ऑलराउंड प्रदर्शन: एडेन मार्करम की बल्लेबाजी और पार्ट-टाइम स्पिन गेंदबाजी का संतुलन दक्षिण अफ्रीका को एक मजबूत ऑलराउंड पैकेज प्रदान करता है।
  3. क्विंटन डी कॉक की विस्फोटक शुरुआत: विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डी कॉक अपनी ताबड़तोड़ शुरुआत से मैच का रुख पलटने का माद्दा रखते हैं।

⚠️ दक्षिण अफ्रीका की कमजोरियाँ

  • बल्लेबाजी की गहराई: डी कॉक और मार्करम पर अधिक निर्भरता। निचले क्रम की बल्लेबाजी कई बार जल्दी सिमट जाती है।
  • अस्थिरता: टीम ने हाल ही में अपने प्रदर्शन में कुछ अस्थिरता दिखाई है, खासकर पहले मैच में हार के बाद।

🧐 विशाखापट्टनम पिच रिपोर्ट: क्या कहती है विजाग की पिच?

डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजी के लिए मददगार मानी जाती है।

  • पारंपरिक प्रकृति: शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच सपाट हो जाती है और बल्लेबाज खुलकर शॉट्स लगाते हैं।
  • स्पिनरों की भूमिका: बीच के ओवरों में स्पिन गेंदबाजों को अच्छी टर्न मिलने की संभावना रहती है, जिससे कुलदीप यादव और केशव महाराज जैसे खिलाड़ियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है।
  • टॉस का महत्व: इस मैदान पर बाद में बल्लेबाजी करने वाली टीम का रिकॉर्ड अच्छा रहा है, जिसके चलते टॉस जीतने वाला कप्तान पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकता है।

🌟 दोनों टीमों की संभावित प्लेइंग 11

इन सभी कारकों और टीम की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, दोनों टीमों की संभावित एकादश (Playing 11) इस प्रकार हो सकती है:

🇮🇳 भारत की संभावित प्लेइंग 11

  1. रोहित शर्मा
  2. यशस्वी जायसवाल
  3. विराट कोहली
  4. ऋतुराज गायकवाड़
  5. तिलक वर्मा (वॉशिंगटन सुंदर की जगह)
  6. केएल राहुल (कप्तान और विकेटकीपर)
  7. रवींद्र जडेजा
  8. कुलदीप यादव
  9. हर्षित राणा
  10. अर्शदीप सिंह
  11. प्रसिद्ध कृष्णा

🇿🇦 दक्षिण अफ्रीका की संभावित प्लेइंग 11

  1. तेम्बा बावुमा (कप्तान)
  2. रयान रिकेल्टन (टोनी डी जॉर्जी के चोटिल होने पर)
  3. क्विंटन डिकॉक (विकेटकीपर)
  4. एडेन मार्करम
  5. डेवाल्ड ब्रेविस
  6. मार्को यानसेन
  7. कॉर्बिन बॉश
  8. केशव महाराज
  9. नांद्रे बर्गर
  10. लुंगी एनगिडी
  11. लिजाद विलियम्स/तबरेज़ शम्सी (पिच की स्थिति के अनुसार)

📝 निष्कर्ष

विशाखापट्टनम में होने वाला यह तीसरा वनडे एक रोमांचक और कांटेदार मुकाबला होने का वादा करता है। भारत के लिए यह सीरीज़ सिर्फ एक जीत नहीं है, बल्कि यह दो साल के सूखे को तोड़ने और टेस्ट सीरीज़ की हार का बदला लेने का मौका भी है। भारतीय टीम प्रबंधन द्वारा वॉशिंगटन सुंदर के स्थान पर तिलक वर्मा को शामिल करने का संभावित निर्णय टीम के बल्लेबाजी को और गहरा करने की रणनीति को दर्शाता है। वहीं, दक्षिण अफ्रीका को टोनी डी जॉर्जी की चोट के बावजूद अपने प्रमुख खिलाड़ियों पर भरोसा दिखाना होगा। क्रिकेट प्रेमी इस निर्णायक भिड़ंत का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जहाँ अंतिम पल तक रोमांच बरकरार रहने की उम्मीद है। जो भी टीम दबाव को बेहतर तरीके से झेलेगी, सीरीज़ का ताज उसी के सिर सजेगा।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न.

1. भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका तीसरा ODI मैच कहाँ खेला जाएगा?

भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच तीसरा और निर्णायक वनडे मैच विशाखापट्टनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा।

2. भारतीय प्लेइंग 11 में कौन सा बड़ा बदलाव होने की संभावना है?

भारतीय टीम ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को प्लेइंग 11 से बाहर कर सकती है और उनके स्थान पर विशेषज्ञ बल्लेबाज तिलक वर्मा को मौका दिया जा सकता है।

3. क्या भारत ने पिछले 2 सालों में कोई वनडे सीरीज जीती है?

नहीं, भारतीय टीम पिछले दो सालों से कोई भी द्विपक्षीय वनडे सीरीज़ नहीं जीत पाई है। यह सीरीज़ उनके लिए इस रिकॉर्ड को तोड़ने का एक महत्वपूर्ण मौका है।

4. दक्षिण अफ्रीका की टीम में क्या कोई बदलाव अपेक्षित है?

हाँ, यदि दूसरे वनडे में चोटिल हुए बल्लेबाज टोनी डी जॉर्जी फिट नहीं होते हैं, तो दक्षिण अफ्रीका की टीम में रयान रिकेल्टन को मौका मिल सकता है।

5. इस सीरीज़ का वर्तमान स्कोर क्या है?

तीन मैचों की वनडे सीरीज़ इस समय 1-1 से बराबरी पर है। पहला मैच भारत ने जीता था, जबकि दूसरा मैच दक्षिण अफ्रीका ने अपने नाम किया था।

External Source: Patrika Report

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