🌞 किसानों के लिए सौर ऊर्जा की क्रांति: PM-KUSUM योजना का विस्तार
भारत सरकार द्वारा मार्च 2019 में शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान’ (PM-KUSUM योजना) किसानों को सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई पंप लगाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस योजना का उद्देश्य डीजल पर निर्भरता कम करना, सिंचाई को पर्यावरण-अनुकूल बनाना और किसानों की आय में वृद्धि करना है।
📌 योजना का उद्देश्य और पृष्ठभूमि
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) को नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा शुरू किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र को डीजल मुक्त बनाना और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना है।
🎯 मुख्य उद्देश्य:
- डीजल आधारित सिंचाई पंपों की जगह सौर ऊर्जा आधारित पंपों का उपयोग।
- किसानों को अतिरिक्त बिजली बेचने का अवसर देना।
- बंजर भूमि का उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए करना।
🔍 योजना के तीन प्रमुख घटक
PM-KUSUM योजना को तीन भागों में विभाजित किया गया है, जो विभिन्न प्रकार की सहायता प्रदान करते हैं:
🅐 घटक A:
- 10 GW क्षमता के ग्रिड से जुड़े स्टिल्ट-माउंटेड सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना।
- प्रत्येक संयंत्र की क्षमता: 500KW से 2MW तक।
🅑 घटक B:
- 7.5 HP तक की क्षमता वाले स्टैंड-अलोन सोलर पंपों की स्थापना।
- प्रत्येक पंप की अनुमानित लागत: ₹17.50 लाख।
🅒 घटक C:
- 10 लाख ग्रिड से जुड़े कृषि पंपों को वित्तीय सहायता।
- प्रत्येक पंप की क्षमता: 7.5 HP।
💡 योजना के लाभ
PM-KUSUM योजना किसानों को कई प्रकार के लाभ प्रदान करती है:
✅ वित्तीय सहायता:
- कुल लागत का 60% सब्सिडी।
- 30% तक का सरकारी ऋण।
- किसानों को केवल 10% लागत वहन करनी होती है।
✅ ऊर्जा उत्पादन:
- योजना के तहत 28,250 MW तक की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता।
- 720 MW क्षमता वाले सोलर पंपों की स्थापना।
✅ आय में वृद्धि:
- अतिरिक्त बिजली को सरकार को बेचने की सुविधा।
- बंजर भूमि पर सौर संयंत्र लगाकर 25 वर्षों तक स्थायी आय।
✅ पर्यावरणीय लाभ:
- प्रदूषण में कमी।
- हरित खेती को बढ़ावा।
🧑🌾 पात्रता मानदंड
PM-KUSUM योजना के लिए निम्नलिखित श्रेणियां पात्र हैं:
- व्यक्तिगत किसान
- किसान समूह
- किसान उत्पादक संगठन (FPO)
- पंचायत
- सहकारी समितियां
- जल उपयोगकर्ता संघ
🖥️ आवेदन प्रक्रिया (ऑनलाइन)
इच्छुक किसान निम्नलिखित चरणों का पालन करके योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं:
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं और रजिस्ट्रेशन सेक्शन पर क्लिक करें।
- आवश्यक विवरण भरें और “सबमिट” पर क्लिक करें।
- लॉगिन करें और सोलर पंप सब्सिडी योजना के लिए आवेदन करें।
- सभी दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें।
- आवेदन के बाद, कुल लागत का 10% विभाग द्वारा भेजे गए सप्लायर को जमा करें।
⏳ सब्सिडी स्वीकृत होने में लगभग 90 से 100 दिन लग सकते हैं।
📄 आवश्यक दस्तावेज
- आधार कार्ड
- भूमि दस्तावेज (खसरा/खतौनी)
- बैंक पासबुक
- घोषणा पत्र
- मोबाइल नंबर
- पासपोर्ट साइज फोटो
🌱 योजना का प्रभाव और विश्लेषण
PM-KUSUM योजना ने ग्रामीण भारत में ऊर्जा और कृषि के क्षेत्र में एक नई दिशा दी है। डीजल पर निर्भरता कम होने से न केवल लागत घटती है, बल्कि पर्यावरणीय प्रदूषण भी कम होता है। इसके अलावा, किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है।
📊 उदाहरण:
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में कई किसानों ने बंजर भूमि पर सोलर संयंत्र लगाकर हर महीने ₹15,000 से ₹20,000 तक की अतिरिक्त आय अर्जित की है।
[External Source: MNRE Official Website – https://mnre.gov.in]
❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
Q1: PM-KUSUM योजना के तहत कितनी सब्सिडी मिलती है?
किसानों को कुल लागत का 60% सब्सिडी और 30% ऋण मिलता है।
Q2: क्या मैं अपनी बंजर भूमि पर सोलर संयंत्र लगा सकता हूँ?
हाँ, योजना के तहत बंजर भूमि पर सौर संयंत्र लगाने की अनुमति है।
Q3: आवेदन के बाद कितने दिन में सब्सिडी मिलती है?
आमतौर पर 90 से 100 दिनों में सब्सिडी स्वीकृत होती है।
Q4: क्या अतिरिक्त बिजली बेचने की अनुमति है?
हाँ, किसान अतिरिक्त बिजली सरकार को बेच सकते हैं।
🔚 निष्कर्ष
PM-KUSUM योजना किसानों के लिए एक क्रांतिकारी पहल है जो उन्हें सौर ऊर्जा के माध्यम से सिंचाई की सुविधा और अतिरिक्त आय का अवसर प्रदान करती है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। सरकार की यह पहल ग्रामीण भारत को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जा रही है।
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